दवा कंपनियों ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का उत्पादन बढ़ाया, देश में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध: जायडस कैडिला
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते मामलों के बीच हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) दवाई की मांग काफी बढ़ गई है। इस बीच सरकार ने कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में हम उन देशों को दवाई की उपलब्धता कराएंगे, जिनकी निर्भरता भारत पर है। सरकार के इस फैसले का विपक्षी पार्टियों ने विरोध भी किया। इस बीच अब खबर आई है कि दवा की बढ़ती मांग को देखकर दवा कंपनियों ने इसका उत्पादन बढ़ा दिया है और देश में इसका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
Recommended Video

इस बारे में दवा कंपनी जायडस कैडिला के सीईओ पंकज पटेल ने कहा, 'फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट का उत्पादन बढ़ा दिया है। इस महीने 20 करोड़ टैबलेट्स का उत्पादन हुआ है। हमारे पास घरेलू इस्तेमाल के लिए पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो दुनियाभर को हम इसकी आपूर्ति करेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरी कंपनी अगले महीने 15 करोड़ टैबलेट के बराबर 30 टन एपीआई (एक्टिव फार्माक्यूटिकल्स इंग्रेडिएंट्स) का उत्पादन करेगी।'
बता दें ऐसा माना जा रहा है कि भारत में टैबलेट की मांग 10 करोड़ रहने की संभावना है। भारत सरकार ने देश में दवाई की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख घरेलू निर्माता कंपनियों जायडस कैडिला (Zydus Cadila) और आईपीसीए (Ipca) को पहले ही ऑर्डर दे दिया है। भारत की दवा कंपनियां महीने के अंत तक इस दवाई का उत्पादन चार गुना अधिक यानी 40 मेट्रिक टन कर लेंगी। अगले महीने तक पांच से छह गुना अधिक यानी 70 मेट्रिक टन तक का उत्पादन हो जाएगा। दवाई का उत्पादन बढ़ाने की योजना उस वक्त बनाई गई, जब सरकार ने कहा कि वह कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए अन्य देशों की मदद करेगी।
क्यों बढ़ी इस दवाई की मांग?
बीते दिनों भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोरोना वायरस के उपचार के लिए इसी दवाई के उपयोग का सुझाव दिया था। इसके बाद इस दवाई पर अचानक सभी का ध्यान गया। परिषद ने ये भी कहा कि दवाई का इस्तेमाल संक्रमित और संदिग्ध दोनों ही परिस्थितियों में किया जा सकता है। इसके साथ ही अमेरिका सहित कई अन्य देशों में भी मरीजों पर इस दवाई का इस्तेमाल हुआ और सकारात्मक परिणाम देखे गए। जिसके बाद से ही इसकी मांग बढ़ गई है। हालांकि इस दवा का इस्तेमाल केवल डॉक्टर के कहने पर ही किया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications