UPSC के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अभ्यर्थियों को दिया झटका, तय वक्त पर ही होगा मेन्स एग्जाम
नई दिल्ली, 6 जनवरी: सिविल सेवा परीक्षा (मेन्स) की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के लिए एक जरूरी खबर है, जहां गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी परीक्षा टालने का आदेश देने से इनकार कर दिया। साथ ही इससे जुड़ी याचिका को भी खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश के एक दिन पहले ही यूपीएससी ने साफ किया था कि मेन्स की परीक्षा तय वक्त पर होगी। इसके लिए राज्यों को निर्देश भी जारी कर दिए गए थे।

याचिका में अभ्यर्थियों ने कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा है। साथ ही रोजाना के केस भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस परीक्षा से अभ्यर्थी संक्रमित हो सकते हैं, बल्कि उनके जान को भी खतरा रहेगा। याचिका में उन लोगों का भी हवाला दिया गया, जिनका इस बार अंतिम प्रयास है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अभ्यर्थियों को 6 घंटे तक 30 अन्य लोगों के साथ एक कमरे में रहना पड़ेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य, उम्मीदवारों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी नहीं है।
वकील ने आगे कहा कि अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए यात्रा करेंगे। इसके बाद गृहनगर जाने का जोखिम उठाएंगे। वहीं उनके होटल आदि में रहने पर भी खतरा रहेगा। इस पर यूपीएससी के वकील ने कहा कि इस तरह की याचिका पिछले साल भी दायर की गई थी, जब डेल्टा वेरिएंट आया था। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस वी कामेश्वर राव ने कहा कि मैं याचिका खारिज कर रहा हूं। मैं यूपीएससी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर रहा।
क्या कहा था आयोग ने?
एक दिन पहले यूपीएससी ने आधिकारिक बयान में कहा था कि सिविल सेवा परीक्षा (मेन्स) 7,8,9 और 15 जनवरी 2022 को आयोजित की जाएगी। कई राज्यों में कोरोना महामारी की वजह से सख्त पाबंधियां लागू की गई हैं, ऐसे में वहां की सरकार से अनुरोध किया जा रहा है कि वो अभ्यर्थियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करें। इसके अलावा उन लोगों को भी आवाजाही में छूट दी जाए, जिनके जिम्मे ये परीक्षा करवानी है।












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