स्कूलों की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स को किया गया जारी, इन राज्यों ने मारी बाजी
नई दिल्ली, 06 जून। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वर्ष 2019-21 के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए आज परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स को जारी कर दिया है। स्कूली शिक्षा में में बदलाव लाने के लिए 70 पैरामीटर के आधार पर बदलाव पीजीआई को जारी किया गया है। सबसे पहले पीजीआई को 2019 में पब्लिश किया गया था जोकि वर्ष 2017-18 के लिए था। इसका मुख्य उद्देश्य है शिक्षण व्यवस्था से अधिक से अधिक बेहतर परिणाम हासिल हो। इस साल पीजीआई की जो ग्रेडिंग जारी की गई है उसमे पंजाब, चंडीगढ़, तमिलनाडु, अंडमान एंड निकोबार, केरल ने वर्ष 2019-20 सत्र में सर्वाधिक A++ ग्रेडिंग हासिल की है।
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पीजीआई की नई ग्रेडिंग में अधिकतर केंद्र शासित राज्य और राज्यों ने अपनी ग्रेडिंग में सुधार किया है। अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप, पंजाब में 10 फीसदी यानि 8 अंक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के मामले में 10 फीसदी का सुधार किया है। अंडमान निकोबार और ओडिशा में यह 20 फीसदी तक है। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा में इक्विटी के क्षेत्र में 10 फीसदी सुधार हुआ है। 19 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी प्रक्रिया में 10 फीसदी का सुधार हुआ है। वहीं अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, पंजाब,राजस्थान पश्चिम बंगाल में 20 फीसदी तक का सुधार देखने को मिला है।
पीजीआई का मुख्य उद्देश्य स्कूल में शिक्षा की व्यवस्था को सुधारना है। इसके जरिए सभी स्कूलों के आंकलन के लिए एक ग्रेडिंग इंडेक्स को तैयार किया गया है। पीजीआई के जरिए राज्यों के स्कूलों की शिक्षा में क्या कमी है उसकी पहचान की जाएगी और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की जाएगी। पीजीआई के तहत 70 क्राइटेरिया का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे स्कूल में शिक्षा और शिक्षकों की ट्रेनिंग को बेहतर किया जाएगा।












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