होम-क्‍वारंटाइन में रह रहे संदिग्धों को करना होगा ये काम, नहीं तो होगी सख्‍त कार्रवाई

A mobile application 'Quarantine Watch' has been developed by the Government of Karnataka to monitor home quarantined corona virus suspects and patients. Corona virus suspects and patients will have to send their selfies on this app.

बेंगलुरु। कोरोना वायरस का संकट देश के लिए विकट स्थिति उत्पन्‍न कर चुका है। भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन के बावजूद कोरोना पॉजिटिव केसों में इजाफा होता जा रहा हैं । केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकारें लगातार इस महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयासर कर रही हैं। इसी क्रम में कर्नाटक सरकार ने कोरोना पॉज‍िटिव के संदिग्धों मरीजों पर निगरानी रखने के लिए नयी पहल की हैं।

मोबाइल एप्लिकेशन 'क्‍वारंटाइन वॉच' रख रही कड़ी नजर

मोबाइल एप्लिकेशन 'क्‍वारंटाइन वॉच' रख रही कड़ी नजर

कर्नाटक सरकार के राजस्‍व विभाग कोटाइन किए गए कोरोना वायरस संदिग्धों और रोगियों पर नजर बनाए रखने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन 'क्‍वारंटाइन वॉच' विकसित किया है। इस ऐप पर कोरोना वायरस संदिग्धों और रोगियों को हर घंटे पर अपनी सेल्फी भेजनी होगी। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने होम क्‍वारंटाइन में रह रहे लोगों को चेतावनी दी कि अगर वे सभी नियमों का पालन करने के बजाय अगर उलंघन करते है तो उन्हें बड़े पैमाने पर क्‍वारंटाइन सेंटर्स में भेज दिया जाएगा।

हर घंटे पर सेल्फी भेजने का का दिया गया आदेश

हर घंटे पर सेल्फी भेजने का का दिया गया आदेश

इसके अलावा कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. के सुधाकर ने सभी होम-क्‍वारंटाइन में रह रहे लोगों को निर्देश दिया कि वे ऐप में अपना नामांकन करें और प्रति घंटे के आधार पर अपनी सेल्फी भेजें। कर्नाटक स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री ने कहा है कि वे सभी लोग जिन्‍हें होम-क्‍वारंटाइन में रहने का आदेश दिया गया है, उन्‍हें सरकार को हर घंटे अपनी सेल्‍फी भेजनी होगी।

अगर नहीं माना आदेश तो भुगनती पड़ेगी ये सजा

अगर नहीं माना आदेश तो भुगनती पड़ेगी ये सजा

मालूम हो कि राजस्‍व विभाग द्वारा तैयार करवाई गई इस क्‍वारंटाइन वॉच से भेजी गई सेल्फी में जीएसपी ट्रैकर होता है, जो व्यक्ति के स्थान के बारे में बता देता है। चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि होम-क्‍वारंटाइन व्यक्ति हर एक घंटे में सेल्फी भेजने में विफल रहता है (रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक सोने के अलावा) तो सरकारी टीम ऐसे डिफॉल्टरों तक पहुंच जाएगी और वे सरकार द्वारा बनाए गए सामूहिक होम-क्‍वारंटाइन में स्थानांतरित होने के लिए उत्तरदायी होंगे।

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    होम-क्‍वारंटाइन टीम लोगों के घर-घर जाकर जांच करेगी

    होम-क्‍वारंटाइन टीम लोगों के घर-घर जाकर जांच करेगी

    इसके अलावा अगर कोई उनकी निगरानी करने वाली टीम को गुमराह करने की कोशिश करते हुए अगर गलत तस्वीरें भेजने की गलती करता है तो उन्‍हें भी सामूहिक होम-क्‍वारंटाइन सेंटर में भेज दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार द्वारा गठित की गई होम-क्‍वारंटाइन टीम लोगों के घर-घर जाकर जांच करेगी। इस दौरान टीम के सदस्‍य क्‍वारंटाइन व्‍यक्ति और उसके परिवार के सदस्‍याओं का फोटो खींचकर सरकार को भेजेगा। अगर हमारी टीम को कोई सदस्‍य घर पर नहीं मिलता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा गया है कि सरकार ने यह कदम सभी की भलाई के लिए उठाए हैं, इसलिए इनका पालन करना बेहद जरूरी है।

    83 मामले सामने आ चुके हैं और 3 की हो चुकी है मौत

    83 मामले सामने आ चुके हैं और 3 की हो चुकी है मौत

    बता दें कि कर्नाटक में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 83 मामले सामने आ चुके हैं और 3 लोगों की मौत हो चुकी है।वहीं 5 लोग ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं। हालांकि, अभी काफी लोग क्‍वारंटाइन में रखे गए हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की मानें तो जब तक कोरोना वायरस की कड़ी को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक इसे रोकना संभव नहीं है। इसीलिए कर्नाटक सरकार ने क्‍वारंटाइन के नियमों को सख्‍त कर दिया है, ताकि कोरोना की कड़ी को ब्रेक किया जाए।

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