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कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों को वैक्सीन की जरूरत नहीं है, एक्सपर्ट ऐसा क्यों कह रहे हैं ?

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नई दिल्ली, 11 जून: जिस तरह से कोरोना वायरस लगातार नए-नए रूप बदल रहा है, उसी तरह उसके खिलाफ अपनाई जाने वाली रणनीति भी पूरी दुनिया में बदलनी पड़ रही है। कोई भी इलाज, एहतियात स्थाई नहीं है। समय और परिस्थितियों के अनुसार बार-बार बदलाव करनी पड़ रही है। वैक्सीनेशन के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति में भी हमें यह देखने को मिल रहा है। पहले ऐसा कहा गया कि जो लोग कोरोना से संक्रमित होकर स्वस्थ हो चुके हैं, उन्हें कम कम 6 महीने तक वैक्सीन की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनमें नैचुरल एंटीबॉडी ही तबतक पर्याप्त रहती है। फिर सरकार ने ऐसे लोगों को टीका लगवाने के लिए 3 महीने की मियाद तय कर दी। अब एक्सपर्ट के एक ग्रुप ने रिपोर्ट दी है कि जिन लोगों में संक्रमण के चलते नैचुरल एंटीबॉडी बन चुकी है, उन्हें वैक्सीन की जरूरत ही नहीं है।

कोरोना संक्रमितों को वैक्सीन की जरूरत नहीं- एक्सपर्ट

कोरोना संक्रमितों को वैक्सीन की जरूरत नहीं- एक्सपर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी हालिया गाइडलाइंस के मुताबिक जिन लोगों को कोरोना हो चुका है, उन्हें स्वस्थ होने के बाद वैक्सीन लगाने के लिए तीन महीने तक इंतजार करना चाहिए। क्योंकि, इस दौरान प्राकृतिक तौर पर बनी उनकी एंटीबॉडी वायरस से उनकी सुरक्षा करती रहेगी। लेकिन,हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक ग्रुप ने अब सलाह दी है कि जो लोग कोविड से इंफेक्टेड हो चुके हैं, उन्हें वैक्सीन लगाने की जरूरत ही नहीं है। इस एक्सपर्ट ग्रुप में एम्स और कोविड-19 पर बने नेशनल टास्क फोर्स के सदस्य भी शामिल हैं। कई एक्सपर्ट यह भी बता चुके हैं कि जिन लोगों में कोरोना होने के बाद नैचुरल एंटीबॉडी बन चुकी है, उनपर वैक्सीन कितनी कारगर है, इसके लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

इस मामले में तथ्य क्या कहते हैं ?

इस मामले में तथ्य क्या कहते हैं ?

तो क्या कोविड से स्वस्थ हुए लोगों को पूरी तरह से वैक्सीन लगवाने की जरूरत ही नहीं है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हमें कुछ तथ्यों पर विचार करना होगा:-

  • कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर दोनों में दोबारा संक्रमण होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दिल्ली स्थित एम्स ने ब्रेकथ्रू इंफेक्शन या वैक्सीन लगने वाद हुए इंफेक्शन के मामलों पर एक स्टडी भी की है। यह स्टडी वैक्सीन की एक डोज या पूरी डोज लगाने के बाद, दोनों स्थिति में की गई है। इसमें पता चला है कि टीका लगाने से गंभीर संक्रमण का खतरा तो रुक जाता है, लेकिन वैक्सीन इंफेंक्शन नहीं होने की गारंटी नहीं देती।
  • लैंसेट की एक शोध के मुताबिक एक बार कोरोना होने के बाद दोबारा संक्रमण होने की आशंका 10 महीने तक के लिए कम हो जाती है। यह स्टडी यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने कोविड से पहले संक्रमित हो चुके लोगों और जिन्हें कभी कोरोना नहीं हुआ है, उनकी एंटीबॉडी की जांच के आधार पर की है। यह स्टडी ब्रिटेन में हुई है।
  • भारतीय विशेषज्ञों ने जो रिपोर्ट दी है उसके मुताबिक, इस बात के पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं कि संक्रमण के बाद वैक्सीन लाभदायक है, 'जिन लोगों को कोविड-19 का इंफेक्शन हो चुका है, उन्हें वैक्सीन देने की कोई जरूरत नहीं है। इन लोगों को ये सबूत जुटाए जाने के बाद वैक्सीन दी जा सकती है कि नैचुरल इंफेक्शन के बाद टीकाकरण उनके लिए फायदेमंद है।'
  • रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि वैक्सीनेशन ड्राइव का मकसद बीमारी को नियंत्रित करना है। ऐसे में जो लोग पहले से संक्रमित हो चुके हैं और वे प्राकृतिक तौर पर सुरक्षित हैं, तो वो प्राथमिकता में नहीं होने चाहिए।
  • सवाल है कि क्या इस तरह की सलाह, मौजूदा समय में वैक्सीन की किल्लत से जुड़ी हुई है? तो इसका जवाब है- हां। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि देश में महामारी की वजह से जो मौजूदा स्थिति है, उसमें प्राथमिकता तय करना आवश्यक है। इसके मुताबिक, 'अगर इंफेक्शन से उबर चुके व्यस्कों को हम इससे अलग कर दें तो हम ज्यादा संसाधन बचा सकते हैं।'

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टीकाकरण को लेकर एकस्पर्ट के कुछ और सुझाव

टीकाकरण को लेकर एकस्पर्ट के कुछ और सुझाव

इस एक्सपर्ट ग्रुप ने वैक्सीन को लेकर कई और सुझाव दिए हैं-

  • वैक्सीनेशन की रणनीति लगातार, स्थानीय और रीयल-टाइम सीरो सर्वे पर लक्षित होना चाहिए, ताकि जिला स्तर पर जोखिम का मूल्यांकन किया जा सके।
  • दोबारा संक्रमण, वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण और वैक्सीन नहीं लगने वालों को संक्रमण पर और रिसर्च हो। बेहतर निष्कर्ष के लिए ये सब लंबे समय तक साथ-साथ होते रहने चाहिए।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि बिना योजना के टीकाकरण करने में नए स्ट्रेन के सामने आने का खतरा है, क्योंकि अभी भी कई तरह के शोध और साक्ष्यों की आवश्यकता है।

English summary
People who have recovered from Covid do not need vaccine, experts from AIIMS and National Covid Task Force has given advise
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