पाक पर मोदी के एक्शन ने बदला यूपी का मूड, सर्वे ने बताई महागठबंधन के खिलाफ बढ़त
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नई दिल्ली- पुलवामा हमले के बाद मोदी सरकार की जवाबी कार्रवाई ने लगता है कि यूपी के लोगों का मूड बदल दिया है। 1 मार्च से 4 मार्च के बीच हुए एक सर्वे से यह बात सामने आई है। बालाकोट में भारतीय वायुसेना की ओर से हुए एयर स्ट्राइक के बाद यह पहला सर्वे है। इससे पता चलता है कि अगर अभी चुनाव हों, तो बीजेपी को इसका फायदा मिल सकता है, जबकि महागठबंधन को काफी नुकसान हो सकता है। दिलचस्प बात ये है कि इसमें यूपीए को भी थोड़ा फायदा होता दिख रहा है।

एनडीए को बढ़त,महागठबंधन को नुकसान
इंडिया टीवी-सीएनएक्स (India TV-CNX) ने एक ओपिनियन पोल के जरिए यूपी के लोगों का मूड भांपने की कोशिश की है। इस सर्वे के मुताबिक अगर अभी लोकसभा चुनाव हुए तो उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को कम से कम 14 सीटों का नुकसान हो सकता है, जबकि एनडीए को 12 सीटों तक का फायदा हो सकता है।
इस सर्वे में यूपीए को भी पहले से दो सीटों का फायदा दिखाया गया है। फायदे या नुकसान का यह आंकड़ा इंडिया टीवी-सीएनएक्स (India TV-CNX) के ही इससे पहले के एक सर्वे की तुलना पर आधारित। गौरतलब है कि पिछले सर्वे में बीएसपी-एसपी महागठबंधन को राज्य में 49 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। जबकि, एनडीए को सिर्फ 29 सीटें बताई गई थीं। लेकिन, ताजा सर्वे के अनुसार एनडीए को यूपी की 80 में से 41 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को पहले की 49 सीटों की जगह सिर्फ 35 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। वहीं पुराने सर्वे में यूपीए को केवल 2 सीटें ही दिखाई गई थीं, लेकिन अब उसे भी 4 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
इस सर्वे के आधार पर भारतीय जनता पार्टी का उत्तर प्रदेश में वोट शेयर 40.95% है, जो कि पिछले सर्वे से अधिक है। लेकिन, यह अभी भी 2014 के वोट शेयर से काफी कम है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को उत्तर प्रदेश में 42.63 प्रतिशत वोट मिले थे और तभी पार्टी सहयोगियों के साथ 73 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। यानी इस ओपिनियन पोल के आधार पर देखें तो बीजेपी को अभी भी प्रदेश में पिछली बार से 32 सीटों का नुकसान है।

आतंक के खिलाफ पीएम मोदी के एक्शन से लोग खुश
जो लोग इस सर्वे में शामिल हुए हैं उनमें से 53 फीसदी पुलवमामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से संतुष्ट हैं। जबकि, केवल 20 फीसदी लोग मानते हैं कि पीएम मोदी ठीक से कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। वहीं 27 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनकी इस बारे में कोई राय नहीं है। वहीं 45.65 फीसदी लोग बालाकोट एयर स्ट्राइक का श्रेय भारतीय सुरक्षा बलों को देना चाहते हैं, जबकि लगभग एक-तिहाई लोगों ने यानी 30% इसका श्रेय मोदी सरकार को दिया है। वहां 15 फीसदी लोगों का मानना है कि इसके लिए दोनों को ही श्रेय मिलनी चाहिए।
एक आंकड़ा ये भी है कि जो लोग इस पोल में शामिल हुए उनमें से लगभग आधे यानि 48.99% लोग आतंक से निपटने में मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार को बेहतर मानते हैं। जबकि, सिर्फ 11.62% लोग मानते हैं कि मनमोहन सरकार आतंकवाद से निपटने में ज्यादा सचेत थी। 10 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जो दोनों को बेहतर समझते हैं और 20 प्रतिशत लोगों की कोई राय ही नहीं है।

अभिनंदन की वापसी का श्रेय मोदी सरकार को
सर्वे में जितने लोगों ने हिस्सा लिया उनमें से अधिकतर यानि 92% लोगों ने 2 दिन के भीतर विंग कमांडर अभिनंदर वर्तमान को भारत की कूटनीतिक जीत करार दिया। जबकि, 2 फीसद लोग ऐसे भी निकले जो इसे भारत की कामयाबी के तौर पर नहीं देखते। वहीं जब लोगों से अभिनंद की स्वदेश वापसी का श्रेय देने के लिए कहा गया, तो 75% लोगों ने इसका श्रेय सीधे-सीधे मोदी सरकार को दिया। जबकि, 9 प्रतिशत लोगों ने पाकिस्तान सरकार को, 10 प्रतिशत लोगों ने विश्व समुदाय को इसका श्रेय दिया। 2 फीसदी लोगों ने इसपर भी कोई राय नहीं दिया।

एयर स्ट्राइक का सबूत नहीं मांगना चाहिए
मौजूदा राजनीति के मुताबिक देखें तो यह सवाल बहुत ही सटीक है। हाल के कुछ दिनों में बालाकोट एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे जाने लगे हैं। लेकिन, जब इस ओपनियन पोल में यूपी के लोगों से पूछ गया तो अधिकतर लोगों ने यानी 57% इस पक्ष में दिखे कि एयर स्ट्राइक का सबूत नहीं मांगा जाना चाहिए। सिर्फ 22% लोग ही सबूत मांगे जाने के समर्थन में दिखे और 21 प्रतिशत लोगों ने कोई भी राय जाहिर नहीं की।












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