किसान आंदोलन: सिंघु बॉर्डर पर इन जोशीले नारों से जोश भर रही है मजदूर की बेटी, जानिए कौन है वो
नई दिल्ली। कृषि कानून को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में युवा भी शामिल हैं और उनकी संख्या भी अच्छी खासी है। ऐसे ही एक युवा हैं राजवीर जो सिंघु बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में अलग ही तरह से जुटी हुई हैं। वो अलग-अलग स्लोगन लिखकर आंदोलन में जोश भर रही हैं। "बच्चा-बच्चा झोंक देंगे, जमीन का कब्जा रोक देंगे।" और "तीनों कानून चूर-चूर, सौदा-सौदा नहीं मंजूर।" जैसे नारे उन्हीं में शामिल हैं, जिनको चार्ट पर लिखकर राजवीर किसान आंदोलन को अपने तरीके से धार देने की कोशिश कर रही हैं।

राजवीर पंजाब के एक मजदूर की बेटी हैं। वो जब तख्तियों पर नारे लिखती हैं तो उनकी कलम तलवार से ज्यादा धारदार नजर आती है। दिन हो या रात, कंपा कर रख देने वाली ठंड में भी राजवीर सिंघु बॉर्डर पर किसानों के साथ प्रदर्शन पर बैठी हैं और अपने नारों से आंदोलन में गर्मी ला रही हैं। अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टूडे से बातचीत में राजवीर ने कहा "हम इस मिट्टी की बेटियां हैं, यह आंदोलन न केवल किसानों को प्रभावित करता है बल्कि आम लोगों को भी प्रभावित करता है...मेरे पिता एक मजदूर हैं और वे अपने पूरी जिंदगी खेतों में काम करते रहे हैं... इसलिए मैं भी कहीं न कहीं इससे जुड़ी हुई हूं।"
बता दें कि पंजाब के जिला मुक्सर की राजवीर दिल्ली विश्वविद्यालय में PHD की स्टूडेंट हैं। वह पंजाबी साहित्य पर रिसर्च कर रही हैं। इसी के चलते वो पंजाबी स्टाइल में आकर्षक पंचलाइन बना रही हैं, जो धरना स्थल पर काफी चर्चित हो रही हैं। राजवीर क्रांतिकारी भगत सिंह को अपनी प्रेरणा मानती हैं... कॉलेज में भी वह भगत सिंह एकता मंच की सदस्य हैं। वह कहती हैं कि, 'भगत सिंह ने देश के लिए अपनी जान दे दी, अगर हम देश से बाहर चले गए तो देश की देखभाल कौन करेगा ... हमें अन्याय के लिए खड़े होने की जरूरत है।












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