'क्या भारत सरकार, 40 में से एक थी?', पेगासस मामले पर चिदंबरम ने पूछा 'आसान सवाल'
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने तंज कसते हुए पेगासस मामले पर मोदी सरकार को घेरा है।
नई दिल्ली, 3 अगस्त: पेगासस जासूसी मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां जहां इस मामले को लेकर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार इस मामले को पूरी तरह आधारहीन बता रही है। हालांकि सोमवार को भाजपा को उस वक्त झटका लगा, जब बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए में सहयोगी नीतीश कुमार ने भी पेगासस मामले में जांच की मांग कर दी। पेगासस मुद्दे पर मचे इस सियासी हंगामे के बीच अब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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पेगासस जासूसी मामले को लेकर पी चिदबंरम ने ट्वीट करते हुए कहा, 'एनएसओ ग्रुप के पास क्लाइंट के रूप में 40 सरकारें और 60 एजेंसियां थीं। एक आसान सा सवाल: क्या भारत सरकार, 40 में से एक थी? भारत सरकार के लिए आसान से सवाल का सीधा उत्तर देना इतना मुश्किल क्यों है?'
लीक डेटाबेस की सूची में किस-किसके नाम शामिल?
आपको बता दें कि एनएसओ के लीक डेटाबेस की सूची में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, दो केंद्रीय मंत्री- प्रह्लाद पटेल और अश्विनी वैष्णव, बिजनेसमैन अनिल अंबानी, एक पूर्व सीबीआई चीफ और करीब 40 पत्रकारों के नाम शामिल हैं। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है कि इन लोगों के फोन हैक किए गए। वहीं, पेगासस के इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे आधारहीन मामला करार दिया है।
विपक्ष को मिला नीतीश का साथ
इससे पहले सोमवार को पेगासस के मामले पर विपक्ष को बिहार के सीएम नीतीश कुमार का भी साथ मिला। नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर कहा कि पेगासस मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और साथ ही इसकी जांच भी होनी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके। नीतीश कुमार से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस मामले की जांच के लिए आयोग का गठन कर चुके हैं।












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