जम्मू कश्मीर में फिर से बन सकती है सरकार, पीडीपी विधायक ने किया बड़ा दावा
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा के बीच गठबंधन टूटने की वजह से मुफ्ती सरकार गिर गई थी। लेकिन सरकार गिरने के बाद लगातार पीडीपी विधायकों के टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन इस बार इन कयासों की खुद पीडीपी विधायक ने पुष्टि की है। पीडीपी विधायक अब्दुल मजीद पद्देर ने शनिवार को कहा है कि इस बात की संभावना है कि प्रदेश में भाजपा के समर्थन से नई सरकार बन सकती है। उन्होंने कहा कि 28 में से 18 पीडीपी विधायक भाजपा के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार हैं और इन लोगों ने इस बात की ओर इशारा किया है कि वह इसके लिए भाजपा के पास जा सकते हैं।

हमारे नेता भाजपा से हाथ मिला सकते हैं तो हम क्यों नहीं
पद्देर ने कहा कि जब हमारे नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं तो आखिर हम क्यों भाजपा के साथ हाथ नहीं मिला सकते हैं, हम क्यों सरकार नहीं बना सकते हैं। पद्देर ने बयान महबूबा मुफ्ती के उस बयान पर दिया है जिसमे मफ्ती ने खुले तौर पर कहा था कि अगर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोई भी कोशिश हुई तो घाटी में आतंकवाद बढ़ेगा। आपको बता दें कि पीडीपी विधायक पिछले दिनों में महबूबा मुफ्ती की कई मौकों पर आलोचना कर चुके हैं।
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क्या है विधानसभा का गणित
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में कुल 87 विधायकों की विधानसभा है, ऐसे में यहां सरकार बनाने के लिए कुल 44 विधायकों का समर्थन चाहिए, जहां भाजपा के पास पहले से 25 विधायक हैं, ऐसे में जैसा की पद्देर ने दावा किया है कि अगर 18 विधायक भाजपा को अपना समर्थन देते हैं तो इस स्थिति में भाजपा को सरकार बनाने के लिए सिर्फ एक विधायक की और जरूरत पड़ेगी। माना जा रहा है कि पीपुल्स कॉफ्रेंस जिसके पास दो विधायक हैं, वह अपना समर्थन भाजपा को दे सकती है।
जल्दबाजी का गठबंधन लंबा नहीं टिकता
भाजपा के भीतर के सूत्रों की मानें तो उनका दावा है कि पीडीपी विधायकों ने इस बात की पुष्टि की है कि वह भाजपा में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन वह नहीं चाहते हैं कि एक बार फिर से किसी तरह का टकराव हो। वरिष्ठ भाजपा नेता का कहना है कि हमे लगता है कि राज्यपाल शासन मौजूदा समय में जरूरी था क्योंकि जल्द ही फिर से सरकार बनने की संभावना नहीं थी, लिहाजा प्रदेश में स्थिरता लाने के लिए यह फैसला लिया गया था। जल्दबाजी में किया गया कोई भी गठबंधन लंबे समय तक नहीं टिकटा, लिहाजा राज्यपाल शासन काफी जरूरी था।
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