Supreme Court: फिर से टली पवन खेड़ा की गिरफ्तारी, पीएम पर टिप्पणी मामले में 17 मार्च तक मिली राहत
Pawan Khera: पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की गिरफ्तारी पर शुक्रवार यानी तीन मार्च तक के लिए रोक लगा दी थी। लेकिन अब एक बार फिर से उन्हें 17 मार्च तक के लिए राहत मिल गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) को एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च तक के लिए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बता दें कि अडानी मामले को लेकर प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद असम पुलिस ने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, कुछ ही देर बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई थी।
असम सरकार ने याचिका को एक स्थान पर क्लब करने का किया विरोध
असम सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित एक मामले में उनके खिलाफ तीन प्राथमिकी एक स्थान पर स्थानांतरित करने की याचिका का विरोध किया। अपने हलफनामे में, असम सरकार ने दावा किया कि पीएम मोदी के खिलाफ खेड़ा का बयान भारत को अस्थिर करने और बदनाम करने की व्यापक साजिश का हिस्सा है। असम सरकार ने कहा कि पवन खेड़ा ने हिंसा भड़काने और शांति भंग करने की कोशिश की। असम सरकार ने कहा कि खेड़ा को अपने बयानों के लिए माफी मांगनी अभी बाकी है।
पवन खेड़ा ने ऐसा क्या कहा था कि हो गया बवाल?
एक प्रेस वार्ता के दौरान, पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए पीएम मोदी को नरेंद्र 'गौतम दास' मोदी के रूप में संदर्भित किया था। उन्होंने कहा था कि आप संसद में बहस से क्यों भाग रहे हैं? आप जेपीसी से क्यों डरते हैं? यहां तक कि पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपने कार्यकाल में जेपीसी का गठन किया था। तो नरेंद्र गौतम दास, सॉरी दामोदर दास मोदी को क्या प्रॉब्लम है? खेड़ा ने कहा था कि उनका नाम दामोदरदास है लेकिन कर्म 'गौतम दास' के हैं।












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