पैसेंजर की नासमझी! अपनी जान पर खेलकर लोको पायलट ने कैसे चलाई ट्रेन ? देखिए Video

ठाणे, 6 मई: महाराष्ट्र के कल्याण से यूपी के गोरखपुर जाने वाली गोदान एक्सप्रेस ट्रेन में एक यात्री ने ऐसी हरकत की, जिसके चलते लोको पायलट को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ गई। मामला जंजीर खींचने का है। लेकिन, यह ऐसे जगह पर हुआ जहां ड्राइवर के लिए ट्रेन से नीचे उतरकर ब्रेक खोलना बहुत ही मुश्किल था। लेकिन, लोको पायलट ने यह जोखिम उठाया और तभी यात्रियों से भरी यह ट्रेन अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकी। गौरतलब है कि हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें लोको पालयट की हरकतों की वजह से पैसेंजरों को तो दिक्कत हुई है, रेलवे की भी काफी फजहीत हुई है। लेकिन, अबकी बार एक यात्री ने बहुत ही नासमझी वाली हरकत की है और इसकी जानकारी खुद रेल मंत्रालय ने दी है।

किसी यात्री ने खींच दी ट्रेन की अलार्म चेन

किसी यात्री ने खींच दी ट्रेन की अलार्म चेन

रेल मंत्रालय ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर दिखाया है कि कैसे एक पैसेंजर की वजह से रेलवे एक असिस्टेंट लोको पायलट को अपनी जान को खतरे में डालना पड़ा, तभी ट्रेन चलाई जा सकी। दरअसल, एक पैसेंजर ने एक्सप्रेस ट्रेन की आपातकालीन जंजीर तब खींच दी, जब वह एक नदी के ऊपर बने पुल से गुजर रही थी। हर ट्रेन में जंजीर वाले स्थान पर साफ हिदायत लिखी होती है कि यह किन आपातकालीन स्थितियों में ट्रेन को रोकने के लिए खींची जा सकती है। लेकिन, इस मामले में ऐसी किसी आपात स्थिति की सूचना नहीं है।

नदी के ऊपर पुल के बीच में रुक गई ट्रेन

नदी के ऊपर पुल के बीच में रुक गई ट्रेन

रेल मंत्रालय ने जो वीडियो शेयर किया है, वह गोदान एक्सप्रेस का है। यह ट्रेन महाराष्ट्र के कल्याण से उत्तर प्रदेश की गोरखपुर जा रही थी। जब ट्रेन एक सिंगल ट्रैक वाले पुल से गुजर रही थी तो किसी अज्ञात यात्री ने आपातकालीन जंजीर खींच दी और ट्रेन पुल के बीच में ही रुक गई। लोको पायलट को इस आपातकाली ब्रेक को खोलने के लिए बहुत ही मुश्किल से पुल पर ट्रेन के नीचे जाना पड़ा, ताकि ट्रेन को फिर से चलने के लिए तैयार किया जा सके। वहां इतनी कम जगह थी कि जरा सा पैर फिसलता और सतीश कुमार नाम के असिस्टेंट लोको पायलट की जान खतरे में पड़ जाती।

'ट्रेन की चेन तभी खींचें, जब कोई इमरजेंसी हो'

'ट्रेन की चेन तभी खींचें, जब कोई इमरजेंसी हो'

यह मामला सेंट्रल रेलवे का है। जब यह ट्रेन उल्हास नदी के ऊपर थी, तभी ट्रेन जंजीर खींचने के चलते अपने आप रुक गई। असिस्टेंट लोको पायलट ने जिस तंग जगह पर अपनी जिम्मेदारी निभाई , वहां पर किसी के लिए खड़े होने में भी दिक्कत थी। रेल मंत्रालय ने वीडियो के साथ ट्विटर पर लिखा है, 'बिना वजह अलार्म चेन खींचना कई लोगों की परेशानी का कारण बन सकती है! सेंट्रल रेलवे के असिस्टेंट लोको पायलट सतीश कुमार को गोदान एक्सप्रेस की अलार्म चेन को रिसेट करने के लिए जोखिम लेना पड़ा, यह तिटवाला और खदावली स्टेशनों के बीच नदी के ऊपर पुलपर रुकी हुई थी। ट्रेन की चेन तभी खींचें, जब कोई इमरजेंसी हो।'

बिना उचित कारण के जंजीर खींचने पर क्या होता है ?

बता दें कि रेलवे ऐक्ट की धारा 141 के मुताबिक बिना किसी उचित कारण के अलार्म चेन खींचना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर 12 महीने तक की जेल, या 1,000 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकती है। रेलवे की ओर से ट्रेन के डिब्बों में जो अलार्म चेन की व्यवस्था की हुई है, वह सिर्फ आपात परिस्थितियों के लिए है।

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