गुजरात चुनावों के ठीक बाद बुलाया जा सकता है संसद का शीतकालीन सत्र
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र को गुजरात चुनावों के ठीक बाद बुलाया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से 22 दिसंबर तक के लिए बुलाा जा सकता है। बता दें कि गुजरात में पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर और दूसरे चरण का चुनाव 22 दिसंबर को होगा।

वहीं कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भाजपा पर शीतकालीन सत्र देर से बुलाने का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का आऱोप है कि भाजपा जानबूझकर ससंद के सत्र को टाल रही है। वो नहीं चाहती कि गुजरात चुनावों के बीच शीतकालीन सत्र हो। अगर ऐसे होता है तो संसद में कई राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के दौरान सरकार को घिरने का डर है। इसलिए वो शीतकालीन सत्र बुलाने में देरी की जा रही है।
कांग्रेस ने तो मोदी सरकार के इस निर्णय को तुगलकी निर्णय बताया है। बता दें कि आम तौर पर संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे सत्र में शुरू होता है। अगर बीते साल की बात करें तो 2016 में 16 नवंबर से शीतकालीन सत्र शुरू हुआ था। माना जा रहा है भाजपा की इसके पीछे संसद में विपक्ष के किसी आरोपों से और गुजरात चुनावों के दौरान उन आरोपों की चर्चा से बचने की योजना है।












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