लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी के बयान पर हंगामा, महिला आरक्षण बिल पर किया ऐसा दावा, अमित शाह ने दिया जवाब
Parliament Special Session: 18 सितंबर से शुरू हुए संसद के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। ऐसे में मंगलवार को नई संसद के पहले ही दिन नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी के बयान पर जमकर हंगामा हो गया।जिस पर एनडीए सांसदों ने आपत्ति जताई।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने महिला आरक्षण बिल पर दावा करते हुए कहा कि यह बिल अभी भी अस्तित्व में हैं। उन्होंने दावा किया कि मनमोहन सिंह के सरकार के दौरान महिला आरक्षण बिल जो संसद में पेश किया गया था, वो अभी तक अस्तित्व में है।

अधीर रंजन चौधरी के इस बयान के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने उनके दावे को गलत करार दिया, जिसके बाद एनडीए सांसदों ने आपत्ति जताई और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिल अब अस्तित्व में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष के बयान को रिकार्ड से हटाया जाए।
जानिए अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा?
लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह सरकार ने अलग-अलग समय पर महिला आरक्षण बिल को पास कराने की कोशिश की। लेकिन कभी राज्यसभा में पास होता था, लोकसभा में पास नहीं होता था। कभी लोकसभा में पास होता था तो राज्यसभा में गिर जाता था।
इसके बाद उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के वक्त जो महिला आरक्षण बिल आया था वो अभी तक जिंदा है। उसे राज्यसभा में पास किया गया था।
अमित शाह ने दिया जवाब
नेता प्रतिपक्ष के दावे पर अमित शाह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में कभी पास नहीं हुआ था। दूसरा ये कि बिल पुराना लोकसभा में लंबित है, ये सही नहीं है। ये बिल 2014 में ही लोकसभा के विघटन के साथ ही निरस्त कर दिया गया था। अधीर रंजन का ये बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है। मैं मांग करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष के बयान को रिकार्ड से हटाया जाए।
'भारत और इंडिया में कोई फर्क नहीं'
वहीं लोकसभा में जवाब बोलते हुए कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अध्यक्ष जी आज देश के नाम को लेकर बेवजह की बहस छिड़ी हुई है। मैं कहना चाहता हूं कि भारत और इंडिया में कोई फर्क नहीं है। हमारे संविधान में लिखा है- वी द पीपुल ऑफ इंडिया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, जैन नहीं लिखा है।












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