'विपक्षी सांसदों ने अमित शाह पर सिर्फ कागज ही नहीं पत्थर भी फेंके', कंगना रनौत का बड़ा खुलासा
Opposition MPs throw paper at Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त (बुधवार) को लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए। इन तीन विधेयकों में केंद्र सरकार का 130 वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों अगर किसी मामले में अरेस्ट होने के बाद 30 दिन तक जेल में रहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना होगा, अगर वो इस्तीफा नहीं भी देते हैं तो उनका 31वें दिन उनका पद छिन जाएगा।
इस बिल को जैसे ही अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में पेश किया तब विपक्षी सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा शुरू कर दिया और कड़ा विरोध किया। इस दौरान सदन में सांसदों के बीच जमकर धक्का-मुक्की होने का भी आरोप लगाया जा रहा है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद द्वारा एक दूसरे पर धक्का-मुक्की आरोप के बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा सांसद कंगना रनौतन ने खुलासा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने जब लोकसभा में संविधान संशोधन बिल पेश किया, तब विपक्ष के नेता वेल में आ गए। विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री पर बिल फाड़कर उनके मुंह पर फेंका।
'हमारे गृह मंत्री पर कागज ही नहीं पत्थर भी फेंका'
आज तक को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने ये भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों ने ना केवल बिल फाड़कर उसका कागज अमित शाह पर फेंका बल्कि उन पर पत्थर भी उनके मुंह पर फेंका। यह हमारे देश के गृह मंत्री हैं। उनके माइक को नोच-नोचकर निकालने की कोशिश की गई और वहां मौजूद महिलाएं उन पर हमला करने लगीं।"
टीएमसी सांसद ने किरेन रिजिजू पर लगाया गंभीर आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि विधेयक पेश करते समय उनके सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई। टीएमसी सांसद मिताली बाग ने कहा, "केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और रवनीत बिट्टू ने मुझे पीछे से धक्का दिया, जिससे हल्की चोट आई है। पार्टी की अन्य महिला सांसदों को भी निशाना बनाया गया। हमारे पुरुष सांसदों ने हमें बचाया।"
ये बिल असंवैधानिक हैं
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने टिप्पणी की, "मैंने सदन में बिल की कॉपी नहीं फाड़ी, लेकिन अगर किसी ने ऐसा किया है तो उसमें कुछ भी गलत नहीं है। ये बिल असंवैधानिक हैं और विपक्ष को विरोध जताने का पूरा अधिकार है।"
सरकार ने हमें बिना बताए ही बिल पेश कर दिया
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया, "सरकार ने हमें बिना बताए ही बिल पेश कर दिया। हमारे सांसदों ने बिल पेश होने के दौरान इसका विरोध किया और सदन की वेल में आ गए। टीएमसी सांसदों के विरोध का सामना करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह को मार्शलों से सुरक्षा लेनी पड़ी। इससे बीजेपी की मंशा साफ हो गई और वे भारतीय संविधान को बदलना चाहते हैं।"












Click it and Unblock the Notifications