Parliament Session: मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, अंतरिक्ष कार्यक्रम पर होगी खास चर्चा, जानिए खास बातें
Parliament Session: मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है, गुरुवार को भी सदन के हंगामेदार होने की संभावना है। आपको बता दें कि 21 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र इस बार विपक्ष के हंगामे के कारण सुचारू रूप से चल नहीं पाया है, जिस पर केंद्र सरकार की ओर से काफी नाराजगी भी जताई गई लेकिन विपक्ष के तेवर में कोई कमी नहीं आई है।
अगर 21 अगस्त की बात करें तो सरकार राज्यसभा में गेमिंग बिल पेश करेगी,जिसके लिए भाजपा ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। इस बीच 130वें संविधान संशोधन बिल को लेकर संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह हंगामा जारी रहने की आशंका है।

बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जब ये बिल पेश किया था, तभी से ही कांग्रेस का इसे लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। गौरतलब है कि 130वें संविधान संशोधन लोकसभा में पेश होने के बाद जेपीसी के पास चल गया है।
शुभांशु शुक्ला पर एक विशेष चर्चा (Parliament Session)
तो वहीं पंकज चौधरी, नित्यानंद राय, कीर्ति वर्धन सिंह, शांतनु ठाकुर, अजय टमटा, सुकांता मजूमदार और मुरलीधर मोहोल अपने संबंधित मंत्रालयों से जुड़े कागजात सदन के पटल पर रखेंगे। यही नहीं संसद अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का सम्मान करने के लिए एक विशेष चर्चा आयोजित करेगी, जो हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से एक सफल मिशन से लौटे हैं।
कई अहम मुद्दों पर होनी है चर्चा (Parliament Session)
यह चर्चा '2047 तक विकसित भारत के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित होगी। सत्र के दौरान, आजाद कीर्ति झा और डॉ. कल्याण वैजनाथराव काले रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति (2024-25) की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, बसवराज बोम्मई और रुद्र नारायण पनी श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश करेंगे, जबकि पीसी मोहन और गजेंद्र सिंह पटेल सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति (2024-25) की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर हंगामा
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का हंगामा मुख्य रूप से बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास को लेकर था। विपक्षी दलों का दावा है कि इस अभ्यास का उपयोग मतदाता सूचियों में हेरफेर करने और संभावित रूप से चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। विपक्ष ने एसआईआर अभ्यास पर चर्चा की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इसका उपयोग वास्तविक मतदाताओं के नामों को हटाने और फर्जी नामों को जोड़ने के लिए किया जा रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से समझौता हो रहा है।
एसआईआर पर चर्चा संभव नहीं: सरकार (Parliament Session)
सरकार ने हालांकि जोर देकर कहा कि एसआईआर अभ्यास भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने और चुनावी डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए की जाने वाली एक नियमित प्रक्रिया है। इस पर चर्चा संभव नहीं है लेकिन विपक्ष उसकी बात सुनने को तैयार नहीं है।












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