'जया अमिताभ बच्चन' से विनेश फोगाट के वजन तक, जानें वो 5 बड़े मुद्दे जिन्होंने संसद में मचाया बवाल
Parliament Session 2024: 22 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहा, जो 9 अगस्त को समाप्त हो गया। संसद सत्र के दौरान कई मुद्दे ऐसे भी उठे,जिनपर काफी हंगामा हुआ और विपक्ष ने वॉकआउट तक कर दिया। जी हां..आज हम आपको ऐसे ही संसद सत्र के पांच हंगामों से रूबरू कराने वाले है।
राज्यसभा और लोकसभा में कई ऐसे मुद्दे उठे जिन्होंने खबरों से लेकर इंटरनेट तक पर सुर्खियां बटौरी।'जया अमिताभ बच्चन' से लेकर विनेश फोगाट के आलोपिंक में अयोग्य होने तक के मुद्दों पर बहस हुई। आइए जानें वो पांच बड़े विवाद जो इस संसद सत्र से जुड़े हुए है।

- सभापति जगदीप धनखड़ ने सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन को 'जया अमिताभ बच्चन' कह कर संबोधित किया। जिसपर जय बच्चन भड़क गई और उन्होंने और दोनों के बीच बहस शुरू गई। इस दौरान सभापति ने उन्हें मर्यादित आचरण की नसीहत दी। वहीं, जय बच्चन ने कहा, 'मैं एक कलाकार हूं, बॉडी लैंगुएज समझती हूं...एक्प्रेशन समझती हूं।' मुझे माफ करिएगा लेकिन आपकी टोन जो है, वह ठीक नहीं है।
- प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। जिसपर विपक्ष ने हंगामा कर दिया और उनके इस्तीफे की मांग की। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि देश को दिख रहा है कि परीक्षा सिस्टम में बहुत सी कमी है। शिक्षा मंत्री ने सबकी कमी गिना दी, लेकिन अपनी नहीं गिनाई। हमारा एग्जाम सिस्टम फ्रॉड है। इस पर शिक्षा मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि सिर्फ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 01 अगस्त को रेल मंत्री रेलवे में किए जा रहे सुधार और लोको पायलट को लेकर बनाई गई व्यवस्था के बारे में सदन को बताया। उनके भाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा कर दिया, तभी एक विपक्षी सांसद ने उन्हें रील मंत्री कहकर ताना मारा। इसपर अश्विनी वैष्णव भड़क गए। उन्होंने जवाब देते हुए कहा, 'ऐसा है...हम लोग केवल रील बनाने वाले नहीं हैं। हम मेहनत करने वाले लोग हैं, काम करने वाले लोग हैं। आपकी तरह केवल रील बनाकर दिखाने वाले लोग नहीं हैं..समझें।'
- पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 अयोग्य ठहराए जाने का मुद्दा भी संसद में उठा। इस मुद्दे पर विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक के नेता चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हम उनके ओलंपिक अयोग्यता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है, जिसके बाद इंडिया गठबंधन के सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया दिया था।
- मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं ने जातीय जनगणना की मांग का मुद्दा उठाया था। इसी मुद्दे पर संसद में भारी हंगामा हुआ। इस दौरान हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना ऐसी टिप्पणी कर दी जिस पर विवाद हो गया है। दरअसल, उन्होंने कहा कि जिसकी जाति का पता नहीं है, वो गणना की बात करता है। इसके बाद विपक्ष के सांसद बिफर गए और पूरे सदन में हंगामा शुरू हो गया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की इस मुद्दे पर अनुराग ठाकुर के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई थी।












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