Parliament scuffle: संसद परिसर में सांसदों के साथ हुई धक्का-मुक्की पर क्या आया CISF का बयान
Parliament scuffle:केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कहा है कि शीतकालीन सत्र के दौरान संसद परिसर में सांसदों के बीच हुई धक्का-मुक्की के मामले में उनकी ओर से "कोई चूक" नहीं हुई है। उन्होंने सांसदों की ओर से लगने वाले आरोपों पर "चुप रहने" का फैसला किया है। CISF संसद भवन परिसर की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक (संचालन) श्रीकांत किशोर ने यहां एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा,'(बल की ओर से) कोई चूक नहीं हुई... चूक से यदि आपका मतलब है कि कुछ हथियारों को अंदर जाने दिया गया, तो मैं आपको बता सकता हूं कि किसी भी हथियार को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी...'

Parliament scuffle: सुरक्षा प्रोटोकॉल और आरोप
किशोर ने बताया कि संसद में प्रवेश करने वाले सांसदों का प्रोटोकॉल के अनुसार तलाशी नहीं ली जाती। जून में सुरक्षा ड्यूटी संभालने के बाद से शिकायतों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सांसद और आगंतुक समेत हर कोई उनके काम से संतुष्ट है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीआईएसएफ 19 दिसंबर को 'मकर द्वार' पर हुई घटनाओं की कोई जांच नहीं कर रही है।
Parliament scuffle: घटना का विवरण और प्रतिक्रियाएं
संसद परिसर में विपक्ष और सत्तारूढ़ भाजपा सांसदों के बीच हाथापाई के दौरान भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए। भाजपा की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने विपक्ष के नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
किशोर ने कहा कि पिछले सत्र के दौरान सदन में एक सीट से नकदी बरामदगी सहित सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रश्न का जवाब देने के लिए संसद का सुरक्षा विभाग सक्षम होगा। उन्होंने दोहराया कि परिसर के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका के लिए सभी कर्मियों को पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
इस घटना के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष में काफी विवाद हो रहा है और एनडीए के निशाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी हैं। क्योंकि आरोपों के मुताबिक उन्हीं के धक्का देने की वजह से भाजपा सांसद को चोटें आई हैं।












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