संसद बजट सत्र: राहुल गांधी का आरोप-मुझे बोलने का अवसर नहीं मिला, बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक पर भी चर्चा
Parliament Budget Session 11th Day Highlights: बजट सत्र के 11वें दिन संसद में राजनीति और कानून व्यवस्था के मुद्दे गरमाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने बैंक धोखाधड़ी और वसूली के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। सीतारमण ने बताया कि 2025 तक 912 बैंक धोखाधड़ी के मामलों को दर्ज किया गया है और 239 अभियोजन मामले विशेष अदालतों में दायर किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2024 तक 9 व्यक्तियों को आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है।
राज्यसभा में "बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2024" पर चर्चा की जा रही है। इसके अलावा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के कार्यों पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं, लोकसभा में "त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक 2025" पर चर्चा जारी है, और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल राज्यसभा में "गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्व्यवस्था संबंधी विधेयक 2024" पेश करने की योजना बना रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं मिलने को लेकर विरोध जताया
उधर, लोकसभा में कांग्रेस नेताओं और अन्य विपक्षी दलों ने चर्चा की, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं मिलने को लेकर विरोध जताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को भोजनावकाश से पहले सदन को स्थगित करते हुए विपक्षी सांसदों से कहा कि उन्हें सदन की कार्यवाही के नियमों का पालन करना चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने बोलने का प्रयास किया, लेकिन सदन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद, कांग्रेस के लोकसभा सांसदों सहित कई नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा की और राहुल गांधी को बोलने का मौका देने की मांग की।
कृषि और सहकारी क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारत में सहकारी संस्थाओं की स्थिति विभिन्न राज्यों में अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों से मिलकर एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया गया है, जिससे सहकारी संस्थाओं के विकास को गति मिलेगी। शाह ने यह भी कहा कि अब भारत के प्रत्येक पंचायत में प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (PACS) का अस्तित्व है, और इसे लेकर कई सुधार कार्य किए गए हैं। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के लिए 25 से अधिक आर्थिक नीतियों को एकीकृत करने और चुनाव प्रक्रिया के लिए नए नियम लागू करने की जानकारी दी।
इसके साथ ही, वित्त मंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां बैंकों को पुनः वापस की हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि धोखाधड़ी से प्रभावित लोगों को उनका हक मिले। इससे पहले, 25 मार्च 2025 को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य रूप से चली थी। लोकसभा ने "वित्त विधेयक 2025" और "बॉयलर विधेयक 2024" को पारित किया, जबकि राज्यसभा ने "आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2024" को पारित किया।












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