पालघर मॉब लीचिंग मामले का एक आरोपी निकला कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आए पुलिसकर्मियों पर मंडराया संक्रमण का खतरा
पालघर मॉबलीचिंग मामले का एक आरोपी निकला कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आए पुलिसकर्मी भी होंगे क्वारंटीन
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से सटे हुए पालघर में पिछले दिनों दो साधुओं समेत तीन लोग मॉब लीचिंग का शिकार हुए थे। पालघर में भीड़ ने उनकी क्रूरता से पिटाई कर हत्या कर दी थी। साधुओं समेत तीन लोगों की हत्या के पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में अब एक आरोपी में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। आरोपी को पालघर के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ये आरोपी वाडा पुलिस थाने की कस्टडी में था।

संपर्क में आई पुलिस टीम और लोगों को भी किया जाएगा क्वारंटीन
बता दें कि पालघर के गडचिंचले मॉब लिचिंग में 2 साधुओं और ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या मामले में कोर्ट ने 101 आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया हैं। गुरुवार को मामले में 101 आरोपियों को डहाणू कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन आरोपियों में से एक में आज कोरोना की पुष्टि हुई है जिसके बाद से पुलिस उन सभी आरोपियों को क्वारंटीन करेगी जो मरीज के संपर्क में आए हैं। इतना ही नहीं उक्त आरोपी जो कि कोरोना पॉजिटिव निकला है उससे पूछताछ करने वाले और उसके संपर्क में आए पुलिसकर्मियों की भी जा रही है और उन सभी को क्वारंटीन किया जाएगा। माना जा रहा है कि एक आरोप के कोरोना संक्रमित पाए जाने के कारण अब पालघर मॉबलीचिंग केस की जांच में अब और समय लग सकता है

क्या है पालघर मॉबलीचिंग मामला
आपको बता दें कि 19 अप्रैल को पालघर में घटी इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। मनुष्य की खाल में मनुष्यों ने जानवरों जैसा व्यवहार किया था। बता दें लॉकडाउन के बीच दोनों साधु अपने गुरु के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र से चार पहिया गाड़ी से सूरत जा रहे थे। रास्ते में पालघर के कासा पुलिस स्टेशन के गडचिंचले गांव में लोगों ने साधुओं और उनके ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला। इतना ही नहीं सबसे शर्मनाक बात ये है कि पुलिस तमाशा देखती रही. इस घटना को लेकर देश के संत समाज से लेकर पूरे समाज में बहुत गुस्सा हैं।
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एचसी ने मांगी है रिपोर्ट
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने महाराष्ट्र के पालघर में हुई मॉब लिन्चिंग की चल रही जांच के मामले में राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही साधुओं की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की गयी हत्या की सीआईडी से करायी जा रही जांच पर फिलहाल रोक लगाने से शुक्रवार को इन्कार कर दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर पालघर घटना की कोर्ट की निगरानी में एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि पुलिस के सामने अटैक हुआ
याचिकाकर्ता ने कहा कि मुंबई से साधू सूरत जा रहे थे। इसी दौरान करीब 200 लोगों की भीड़ पालघर में इकट्ठी हुई और उन्होंने लाठी व चाकू आदि से साधुओं पर हमला किया। लॉकडाउन 25 मार्च से ही चल रहा था बावजूद इसके 16 अप्रैल को 200 लोगों की भीड़ वहां जुटी थी। पुलिस के सामने अटैक हुआ और साधुओं को बचाने के लिए पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही भीड़ को हटाया। उधर शुक्रवार को पालघर लिंचिंग मामले में 5 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी को 13 मई तक CID की हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में अब तक 9 नाबालिगों सहित कुल 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।












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