'डिपोर्ट करें नहीं तो वो वहां शादी कर लेगा', मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट में पाकिस्‍तानी पत्‍नी ने क्‍यों लगाई गुहार

Pakistani woman Appeal in MP High Court: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को एक अनोखी अपील मिली है, जिसमें एक पाकिस्तानी महिला ने अपने पति को दूसरी शादी करने से रोकने के लिए उसे भारत से निर्वासित करने की मांग की है। यह पारिवारिक विवाद तब अदालत पहुंचा जब पति-पत्नी के बीच सुलह नहीं हो पाई।

पाकिस्तान में अपने माता-पिता के साथ रह रही निकिता ने उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में एक रिट याचिका दायर की है। उन्होंने अपने पति विक्रम कुमार नागदेव पर आरोप लगाया है कि वह उनसे तलाक लिए बिना मार्च 2026 में दूसरी शादी करने की योजना बना रहे हैं।

Madhya Pradesh high court

क्‍यों मध्‍य प्रदेश की कोर्ट में पत्‍नी ने लगाई गुहार

दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं और उन्होंने 26 जनवरी 2020 को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में शादी की थी। कराची का निवासी यह व्यक्ति वर्तमान में लंबी अवधि के वीजा पर मध्य प्रदेश के इंदौर में रह रहा है।

अगले सप्‍ताह कोर्ट कर सकता है सुनवाई

महिला ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया है और अवैध रूप से एक अन्य महिला से शादी करने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।

"मेरे पति को प्‍लीज भारत से डिपोर्ट किया जाए"

निकिता के वकील ने कहा, "मेरी मुवक्किल ने अपनी याचिका में उच्च न्यायालय से अनुरोध किया है कि उनके पति को, जो कानूनी जटिलताओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, भारत में दूसरी शादी करने से रोका जाए और उन्हें पाकिस्तान निर्वासित कर दिया जाए।"

क्‍या हैं कानून, क्‍या कोर्ट मानेगा पाक पत्‍नी की गुजारिश?

संविधान के अनुच्छेद 226 के अनुसार, उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों से संबंधित मामलों में औपचारिक आदेश जारी कर सकता है। यह न्यायिक सर्वोच्चता और नागरिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

क्‍या बोला पति?

पति विक्रम नागदेव ने अपनी पत्नी के सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि निकिता अपनी मर्जी से पाकिस्तान चली गई और उन्होंने भारत आने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हमने पाकिस्तान में शादी करने के बाद भारत में प्रवेश किया था। कुछ समय बाद मेरी पत्नी अपनी इच्छा से पाकिस्तान लौट गई।"

नागदेव ने आगे बताया, "उन्होंने भारत आने या आपसी सहमति से तलाक लेने से इनकार कर दिया। मैंने अपने समुदाय की पंचायतों के माध्यम से भी पारिवारिक विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।" उन्होंने अपनी पत्नी पर पारिवारिक विवाद के बहाने पैसे ऐंठने का भी आरोप लगाया।

पति ने पत्‍नी पर लगाए ये गंभीर आरोप

इंदौर में लंबी अवधि के वीजा पर रह रहे नागदेव ने स्पष्ट किया कि वह अब अपनी पत्नी से तलाक लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "अब मैं अपनी पत्नी से तलाक चाहता हूं। उन्होंने मुझे देश और विदेश दोनों जगह बदनाम किया है और मुझे मानसिक पीड़ा पहुंचाई है।"

'सिंधी पंच मध्यस्थता और कानूनी परामर्श केंद्र' के बाद कोर्ट पहुंचा ये मामला

उच्च न्यायालय जाने से पहले, इस जोड़े का विवाद इंदौर स्थित 'सिंधी पंच मध्यस्थता और कानूनी परामर्श केंद्र' तक पहुंचा था, लेकिन वहां इसका कोई समाधान नहीं निकल सका। परामर्श केंद्र के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया, "मेरे कई प्रयासों के बावजूद, दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचने में विफल रहे। इसके बाद, मैंने जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की कि नागदेव को पाकिस्तान वापस भेजा जाए क्योंकि वह और उनकी पत्नी दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं और उनके पारिवारिक विवाद के लिए पाकिस्तान ही उचित क्षेत्राधिकार है।"

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