J&K: 5 अगस्त से एक दिन पहले फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, कश्मीर पर 'बड़ी साजिश' की पोल खुली
नई दिल्ली, 4 अगस्त: जम्मू-कश्मीर का विशेषाधिकार खत्म हुए तीन साल पूरे हो रहे हैं। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव करवाने की भी बात है। ऐसे में कश्मीर और कश्मीरियों का सुकून में देखकर पाकिस्तान नहीं बौखलाएगा तो कौन बौखलाएगा। पाकिस्तान को कश्मीर के बदल रहे हालात कतई बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है। वह चाहता है कि कश्मीर अशांत रहे और उसे अपना उल्लू सीधा करने का मौका मिलता रहे। यही वजह है कि उसने कश्मीर को लेकर एक बड़ी साजिश रची है, लेकिन उसके नापाक इरादों की पोल पहले ही खुल चुकी है।

5 अगस्त के लिए पाकिस्तान ने रची बड़ी साजिश
5 अगस्त यानी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने की तीसरी वर्षगांठ है। लेकिन, पाकिस्तान एकबार फिर से राज्य के चुनावी साल में उसको लेकर भ्रम और अफवाह फैलाने तैयारी में जुटा हुआ है। इंडिया टुडे ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि पाकिस्तानी एजेंसियों की ओर से इस नापाक मकसद से तैयार भारत-विरोधी 13 पन्नों का एक दस्तावेज उसके हाथ लगा है, जिससे उसका इरादा साफ हो गया है। पाकिस्तान ने इस मौके पर झूठ फैलाने के लिए दुनिया भर के अपने दूतावासों और उच्चायोगों को काम पर लगा दिया है।

कश्मीर पर पाकिस्तानी टूलकिट में क्या है ?
पाकिस्तान ने देश के संकट से अपने नागरिकों का ध्यान हटाने और कश्मीर को लेकर दुनिया भर में अफवाह फैलाने के लिए जो भारत-विरोधी 13 पन्नों का टूलकिट तैयार किया है, उसके कुछ तथ्य एक दिन पहले ही उजागर हो गए हैं। पाकिस्तान ने 5 अगस्त को कश्मीर पर जो अपनी रटी-रटाई लाइन तैयार की है, वह कुछ इस तरह से हैं- 'पाकिस्तान कश्मीर के लोगों के न्यायसंगत मकसद के समर्थन में उनके साथ डटा है।' 'हम अपने कश्मीरी भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के अपने निश्चय की तसदीक करते हैं और उनके न्यायोचित मकसद को लगातार समर्थन देते हैं।' इसके साथ ही पाकिस्तानी एजेंसियों ने 5 अगस्त, 2022 के लिए कश्मीर से जुड़े हैशटैग भी बनाए हैं, जैसे कि 'कश्मीर ब्लैक डे' और घाटी के लिए आजादी की मांग करने वाले हैशटैग।

दुनियाभर के पाकिस्तानी एंबेसी इस नापाक एजेंडे में शामिल
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन साल पहले 5 अगस्त, 2019 को ही जम्मू और कश्मीर से संविधान के आर्टिकल 370 को खत्म कर उस मिले विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला लिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक चीन, बेल्जियम, जापान, यूक्रेन, बर्मिंघम, दुबई, ऑस्ट्रेलिया, इटली, डेनमार्क और जर्मनी में मौजूद अपने दूतावासों और उच्चायोगों के माध्यम से अपने टूलकिट के ड्राफ्ट को सर्कुलेट करवा रहा रहा है।

भारत के खिलाफ दुष्प्रचार की ये है तैयारी
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का पूरा गेमप्लान दुनिया के सामने ये बात फैलाने का है कि 'भारत ने 5 अगस्त, 2019 को जो 'एकतरफा और अवैध' कदम उठाया था, उसे वापस ले; कश्मीर के लोगों का उत्पीड़न और उनके खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोके; कब्जे वाले इलाके में जनसांख्यिकीय बदलाव को रोके और पलटे।' पोर्टल ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी एजेंसियां कल यानी शुक्रवार को ऐसे भारत-विरोधी संदेशों को सोशल मीडिया पर फैलाने की योजना बना चुकी हैं। हालांकि, भारतीय एजेंसियों को इस बात का इल्म है कि 5 अगस्त के दिन पाकिस्तान से इससे ज्यादा किसी बात की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है।

जम्मू और कश्मीर में चुनाव की आहट से तिलमिलाया है पाकिस्तान
पाकिस्तानी आईएसआई के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भी एक काउंटर-दस्तावेज तैयार कर लिया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के भारत-विरोधी कंटेंट का माकूल जवाब दिए जाने की तैयारी की गई है। दरअसल, चुनाव आयोग से मिले संकेतों के मुताबिक आने वाले महीनों में जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है। पाकिस्तान इसी बात से असहज है और अपनी पूरी एनर्जी भारत के खिलाफ आग उगलने में लगा रहा है।












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