Paid Period Leave: जिस पीरियड लीव को स्मृति ईरानी का 'NO', उसके लिए संघर्ष कर रही ओडिशा की रंजीता
Paid Period Leave India: इसे चाहे ओडिशा की बेटी कहें या छत्तीसगढ़ की लॉ कॉलेज स्टूडेंट या फिर एक नामी कंपनी की पूर्व कर्मचारी। नाम है रंजीता प्रियदर्शिनी (Ranjeeta Priyadarshini) । भारत में पेड पीरियड लीव को लेकर छिड़ी बहस ने रंजीता को फिर सुर्खियों में ला दिया।
रंजीता प्रियदर्शिनी मासिक धर्म के दौरान महिला कर्मचारियों को एक दिन का सवैतन अवकाश दिलाने को लेकर 'पेड पीरियड लीव' अभियान चला रही है। इन्हें हाल ही एचआर भारत के फाउंडर समर महापात्रा ने चैंपियन ऑफ वीमेन एम्प्लॉई का अवार्ड प्रदान किया।

वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य मनोज कुमार झा द्वारा 'पीरियड पेड लीव' पॉलिसी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं के लिए पीरियड होना नॉर्मल है। इसे बाधा या परेशानी की तरह न लें। यह लाइफस्टाइल का हिस्सा है।
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में रंजीता ने पेड पीरियड लीव अभियान शुरू करने की ऐसी वजह बताई, जो हर किसी को झकझोर देने वाली है। साथ यह भी बताया कि अभी तक मुहिम कहां तक पहुंची और कितने समर्थन की और दरकार है?

पेड पीरियड लीव शुरुआत कैसे हुई?
रंजीता कहती हैं कि साल 2022 में वे एक कंपनी में काम करती थी। काम के दौरान उसे मासिक धर्म की पीड़ा से गुजरना पड़ा तो वह एक दिन का अवकाश लेना चाह रही थी, मगर मैनेजर ने इनकार कर दिया। ऐसे में रंजीता को लगा कि ना जाने देशभर में उसकी जैसे कितनी ही कामकाजी महिलाओं को इस तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। तब रंजीता ने नौकरी छोड़ पेड पीरियड लीव अभियान लॉंच कर दिया।
इन जनप्रतिनिधयों से मिली रंजीता
रंजीता पेड पीरियड लीव अभियान को कानून के दायरे में लाने के लिए 17 स्टेट में जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, रामदास अठावले, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट व राज्यपाल कलराज मिश्र व डेढ़ दर्जन श्रम मंत्रियों से भी मुलाकात कर चुकी हैं।

बिहार विधानसभा में भी उठ चुका मुद्दा
रंजीता ने बताया कि वे पेड पीरियड लीव अभियान को देशभर में लागू करवाने के लिए तमाम मंत्री, सांसद व विधायकों से मुलाकात कर रही हैं। नौ माह पहले भाजपा विधायक लल्लन कुमार ने पेड पीरियड लीव का मुददा बिहार विधानसभा में उठाया और कहा कि निजी व संविदा पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी मासिक धर्म के दौरान एक दिन का सवैतनिक अवकाश मिलना चाहिए। वे सड़क से सदन तक रंजीता के अभियान को सपोर्ट करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications