कांग्रेस ने डिलीट की चेहरा "गायब" वाली विवादित पोस्ट, क्या सुप्रिया श्रीनेत से पार्टी कर लेगी किनारा?
Pahalgam attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों के नरसंहार पर पूरा देश आहत है। इस हमले की देश भर के राजनीतिक दलों ने निंदा की और घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। लेकिन कांग्रेस पार्टी और पार्टी की आईटी सेल की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की आईटी सेल ने पहलगाम हमले के बाद एक पोस्ट शेयर की जिस पर बवाल मचा हुआ है।
हालांकि कांग्रेस पार्टी की बवाल मचने के बाद कांग्रेस ने चुपचाप ये विवादित पोस्ट को हटा दी है लेकिन इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी है।

कांग्रेस ने क्या पोस्ट शेयर की जिस पर मचा बवाल?
बता दें पहलगाम अटैक के बाद कांग्रेस की आईटी सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो शेयर की जिसमें सिर "गायब" दिखाया गया था। जिस पर भाजपा ने आरोप लगाया कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो की सिर कटी फोटो है। जिस पर कांग्रेस आईटी सेल की हेड सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस आईटी सेल की विवादित पोस्ट पर बचाव करते हुए सवाल किया कि आप भाजपा कैसे ये आरोप लगा सकती है कि ये फोटो पीएम मोदी की है?
सुप्रिया श्रीनेत्र की हो रही आलोचना
इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी और अपने मुखर अंदाज के लिए जानी जाने वाली कांंग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत अब खुद आलोचनाओं का सामना कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी के भीतर उनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रधानमंत्री को चित्रित करने वाले विवादास्पद पोस्ट को हाल ही में हटाए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर आंतरिक चर्चा शुरू हो गई है।
कांग्रेस ने जारी की एडवाइजरी
बता दें मंगलवार को देर रात कांग्रेस पार्टी ने केसी वेणुगोपाल द्वारा हस्ताक्षरित एक एडवाइजरी जारी की गई जिसमें सदस्यों से पार्टी लाइन और सीडब्ल्यूसी प्रस्ताव का पालन करने का आग्रह किया गया। इस प्रस्ताव में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त की गई। प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा एडवाइजरी को रीट्वीट किया। वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पुलगाम हमले में मारे गए युवक के परिवार से मिलने जाने वाले हैं।
क्या सुप्रिया श्रीनेत से कांग्रेस कर लेगी किनारा?
न्यूज 18 में सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और प्रियंका वाड्रा की बैठक में निष्कर्ष निकाला गया कि यह पोस्ट खराब छवि वाली थी। आम सहमति यह थी कि विभिन्न कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों से उपजे विवादों के कारण पार्टी का संदेश फीका पड़ रहा था। इस पोस्ट के कारण मचे बवाल के कारण अब अटकलें लगाई हैं कि आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों के प्रति पार्टी की संवेदनशीलता को देखते हुए क्या श्रीनेत को बदला जाएगा।
कौन हैं सुप्रिया श्रीनेत?
सुप्रिया श्रीनेत पूर्व पत्रकार हैं और उन्हें राजनीति में प्रियंका वाड्रा लेकर आईं थीं। लखनऊ में प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात के बाद यूपी के महाराजगंज से श्रीनेत ने चुनाव लड़ा था ये सीट लंबे समय तक उनके पिता का निर्वाचन क्षेत्र रही थी। प्रियंका गांधी की बेहद करीबी सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस की आक्रामक और मुखर प्रवक्ता हैं। इनकी गिनती कांग्रेस के सबसे हाई-प्रोफाइल प्रवक्ताओं में होती है।










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