सुनने-बोलने में अक्षम हरियाणवी पहलवान वीरेंद्र सिंह को पद्म श्री पुरस्कार,लेकिन सरकार भूल गई वादा, दे रहे धरना
नई दिल्ली। सुनने और बोलने में अक्षम पहलवान वीरेंद्र सिंह को केंद्र सरकार ने पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा है। हालांकि, हरियाणा सरकार उनसे किए वादे पूरे नहीं कर पाई है। खफा वीरेंद्र अब हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से अपने जैसे राज्य के मूक-बधिर खिलाड़ियों को पैरा-एथलीट के रूप में मान्यता देने की मांग के साथ हरियाणा भवन के बाहर बैठे हैं।

सुनने-बोलने में अक्षम पहलवान वीरेंद्र सिंह
वीरेंद्र सिंह के भाई रामबीर ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, मेरे भाई ने देश का नाम रोशन किया। उनके योगदान की बदौलत केंद्र सरकार से उन्हें कल पद्म श्री पुरस्कार भी मिला। मगर, राज्य सरकार ने हमें सहयोग नहीं किया। बकौल रामबीर, "मेरा भाई अन्य पैरा-एथलीटों की तरह मूक-बधिर खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन और सरकारी नौकरियों के लिए वर्षों से मंत्रियों के दर ठोकरें खा रहा है।"

हरियाणा सरकार ने नहीं निभाया वादा
रामबीर ने आगे कहा, "2017 में, राज्य सरकार ने उनके लिए 6 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की थी, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसके अलावा वीरेंद्र के लिए ए-ग्रेड की नौकरी की घोषणा भी की गई थी, वो नहीं मिली। उसके पास सी-ग्रेड की नौकरी है। हम हरियाणा सरकार के वादे से खफा हैं।"

केंद्र सरकार ने किया सम्मानित
केंद्र सरकार ने वीरेंद्र को पद्म श्री सौंपा। पद्म श्री पुरस्कार भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार माना जाता है। यह पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामलों, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किए गए हैं। सोमवार को नई दिल्ली में एक समारोह के दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से यह तुलसी गौड़ा को भी मिला।

कितने लोगों को मिले पद्म पुरस्कार?
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को जिन लोगों को राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया, उन पद्म पुरस्कारों की 2021 की सूची में 7 पद्म विभूषण, 10 पद्म भूषण और 102 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं, जिनमें से 29 पुरस्कार विजेता महिलाएं हैं और एक पुरस्कार विजेता एक ट्रांसजेंडर है।












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