पीएम केयर्स फंड में पांच दिन में आए 3076 करोड़, चिदंबरम ने पूछा- दानदाताओं के नाम ना बताने की वजह क्या?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फंड की एक ऑडिट रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केयर्स फंड को शुरूआती पांच दिनों में 3,076 करोड़ रुपये का दान मिला था। फंड में ये दान देश और विदेश दोनों जगह से आया। ये डोनेशन 27 से 31 मार्च के बीच आया। इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि सरकार ने दानकर्ताओं के नाम क्यों नहीं सार्वजनिक किए हैं। उन्होंने पूछा है कि सरकार दानकर्ताओं के नाम ना बताने की वजह क्या है, इससे सरकार क्यों डर रही है।

Recommended Video

    PM Cares fund में 5 दिन में आए 3,076 करोड़ रुपये, P Chidambaram ने पूछे ये सवाल | वनइंडिया हिंदी
    चिदंबरम ने पूछे ये सवाल

    चिदंबरम ने पूछे ये सवाल

    पी चिदंबरम ने पीएम केयर्स फंड की रिपोर्ट पर कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने ट्वीट में कहा है- पीएम केयर्स फंड के ऑडिटर्स ने पुष्टि की है कि 26 से 31 मार्च, 2020 के बीच केवल 5 दिनों में फंड को 3076 करोड़ रुपये मिले लेकिन इन दयालु दाताओं के नाम प्रकट नहीं किए जाएंगे। क्यों? प्रत्येक अन्य एनजीओ या ट्रस्ट एक सीमा से अधिक राशि दान करने वाले दानकर्ताओं के नाम प्रकट करने के लिए बाध्य है। इस दायित्व से पीएम केयर्स फंड को छूट क्यों है। दान पाने वाला ज्ञात है। दान पाने वाले के ट्रस्टी ज्ञात है। तो ट्रस्टी,दानदाताओं के नाम उजागर करने से क्यों डर रहे हैं?

    क्या कहती है रिपोर्ट

    क्या कहती है रिपोर्ट

    पीएम केयर्स फंड को लेकर जो ऑडिट रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट कहती है कि 2.25 लाख रुपए के साथ फंड की शुरूआत की गई। इशके बाद 27 मार्च से 31 मार्च के बीच यानी शुरूआत के पांच दिनों के अंदर 3,076.62 करोड़ रुपए का दान आया। इसमें से 3075.85 करोड़ रुपए देश के दानकर्ताओं की ओर से दिए गए, वहीं 39.67 लाख रुपए का दान विदेशों से आया। फंड में जमा राशि पर 35 लाख से अधिक ब्याज भी मिला है। 'सार्क एंड एसोसिएट्स' नामक एक कंपनी ने ये ऑडिट किया है।

    पारदर्शिता ना होने से लगातार उठे हैं पीएम केयर्स फंड पर सवाल

    पारदर्शिता ना होने से लगातार उठे हैं पीएम केयर्स फंड पर सवाल

    कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड का ऐलान किया था। 28 मार्च को स्थापित इस फंड के चेयरमैन नरेंदेर मोदी हैं, वहीं गृह, रक्षा और वित्त मंत्री इसके सदस्य हैं। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए बनाया गया। ये फंड नियंत्रक और महालेखा परीक्षक और सूचना के अधिकार के अंतर्गत नहीं आता। सरकार ने कहा है कि पीएम केयर्स एक सार्वजनिक फंड नहीं है। इसको लेकर लगातार सवाल उठे हैं। विपक्षी दल और कई संगठन पीएम केयर फंड की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और इसमें भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाते रहे हैं।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+