कोरोना संकट को लेकर CWC की बैठक में चिंदबरम ने उठाए ये तीन मुद्दे, जिन पर तुरंत दिया जाए ध्यान
नई दिल्ली। कोरोना संकट पर चर्चा को लेकर हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने तीन मुद्दों को उठाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को बैठक में कहा कि तीन ऐसे मसले हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। इसमें राज्यों को वित्तीय मदद, प्रवासी मजदूरों और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

चिदंबरम ने कहा है, कोरोना वायरस से जूझ रहे राज्यों की माली हालत ठीक नहीं है, लॉकडाउन से वो काफी मुश्किल का सामना कर रहे हैं। उन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है। दूसरा राज्यों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। और तीसरा मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए बड़े शहरों में फंसे प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए एक नीति तुरंत बनाए जाने की जरूरत है।
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कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। जिसमें खासतौर से कोरोना संकट पर चर्चा हुई। इसी दौरान पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि लॉकडाउन तभी सफल होगा, अगर हम इस दौरान तेजी से टेस्ट करेंगे।
पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीपीई किट की खराब गुणवत्ता पर चिंता जाहिर की और कहा कि देश में कोरोना टेस्टिंग अभी बहुत कम संख्या में हो रही है, यह काफी चिंता की बात है। सोनिया गांधी ने बैठक में आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों को 7500 रुपए देने की मांग केंद्र सरकार से मांग की है। गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के पहले चरण में 12 करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां खोई हैं। बेरोजगारी और बढ़ने की संभावना है क्योंकि आर्थिक गतिविधि पूरी तरह से ठप है। इस संकट से निपटने के लिए प्रत्येक परिवार को कम से कम 7,500 रुपये दिया जाना चाहिए।
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन एक 'पॉज बटन' की तरह है और कोरोना मुक्त इलाकों में कारोबारी गतिविधयों की शुरुआत करने की जरूरत है। प्रियंका गांधी ने कहा, कोरोना वायरस से लड़ाई में करूणा महत्वपूर्ण है और पीड़ित के प्रति शत्रुता का भाव नहीं होना चाहिए।












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