दिल्ली में ऑक्सीजन संकट: हाईकोर्ट के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच देश की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट गहराया हुआ है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच देश की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट गहराया हुआ है। हर रोज दिल्ली के किसी ना किसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की खबरें मीडिया में आ रही हैं। हालात इस कदर खराब हैं कि ऑक्सीजन संकट के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में हर दिन सुनवाई हो रही है। दिल्ली को पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई ना करने के मामले पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश ना मानने पर अवमानना की कार्रवाई क्यों ना की जाए। दिल्ली हाईकोर्ट के इस नोटिस के खिलाफ अब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
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आपको बता दें कि मंगलवार को हाईकोर्ट में दिल्ली में पर्याप्त ऑक्सीजन ना सप्लाई किए जाने का मामले पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार को जारी अपने नोटिस में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने 2 मई को आदेश दिया था कि केंद्र सरकार 3 मई तक दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करे। आप अपने सिर को शतुरमुर्ग की तरह रेत में छिपा सकते हैं, लेकिन हम नहीं।'
'दिल्ली को 700 MT ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करे केंद्र'
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में ऑक्सीजन संकट के मुद्दे पर एक आदेश पारित करते हुए केंद्र सरकार को ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कहा था। मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा, 'केंद्र सरकार ने हमारे समक्ष कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्देश नहीं दिया है। हम सरकार की इस बात से सहमत नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि केंद्र सरकार हर दिन दिल्ली के लिए 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करे। हम हर रोज अस्पतालों और नर्सिंग होम को ऑक्सीजन के लिए दौड़भाग करते हुए देख रहे हैं। ऐसे में सरकार बताए कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।'












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