अथ श्री गोवा संपूर्ण चुनाव कथा, एक नजर में अब तक की पूरी कहानी
गोवा में आरएसएस में भी फूट पड़ी है। ऐसे में इस बार गोवा की जनता का फैसला क्या होगा ये देखना दिलचस्प होगा।
पणजी। गोवा में विधानसभा चुनाव, 1 चरण में ही संपन्न हो गए। अब परिणाम का इंतजार है, जो 11 मार्च को आ जाएंगे। बता दें कि राज्य में लक्ष्मीकांत पारसेकर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर थे, लेकिन रक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद उनकी जगह लक्ष्मीकांत आए। 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में 2012 के परिणाम भाजपा के पक्ष में गए थे। 2012 में भाजपा को 21 सीट, कांग्रेस को 9, निर्दलीय 5 और महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी के तीन सीट मिले।
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2012 के विधानसभा में भाजपा को 34.68 फीसदी जबकि कांग्रेस को 30.78 फीसदी वोट मिले थे। पर्रिकर के केंद्र में जाने के बाद माना जा रहा है कि गोवा में भाजपा ने जो तरक्की की थी उसकी स्थिति वैसी नहीं रही। पार्टी में गुटबाजी हावी हो गई है। ऐसे में इस बार जहां कांग्रेस एक बार फिर जोरदार वापसी की कोशिश करेगी तो आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से गोवा के चुनाव में कूद गई है।
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'आप' ने एलविस गोम्स को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया है। पुर्तगाल के कब्जे से आजादी के बाद भारतीय गणतंत्र में शामिल हुए गोवा में 1963 में हुए पहले चुनाव में महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी की सरकार बनी। लंबे वक्त तक गोमांटक पार्टी ने गोवा पर राज किया।
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1980 में यहां कांग्रेस ने बड़ी सफलता पाते हुए सरकार बनाने में कामयाबी पाई। लगातार तीन बार कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रोग्रेसिव डेमाक्रेटिक फ्रंट ने 1990 के चुनाव में कांग्रेस को हराकर गोवा में सरकार बनाई। एक साल बाद ही 1991 में एक बार फिर कांग्रेस ने वापसी की। भाजपा ने पहली बार कांग्रेस के दबदबे को तोड़ते हुए 2000 में सरकार बनाई। इसमें मनोहर पर्रिकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

जब बनी थी कांग्रेस की सरकार
लेकिन 2005 और 2007 में एक बार फिर से कांग्रेस ने सरकार बनाई। 2012 के इलेक्शन में भाजपा ने जोरदार वापसी करते हुए फिर से सरकार बनाई। गोवा के इलेक्शन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कम सीट होने के कारण वोट प्रतिशत में बहुत ज्यादा फर्क ना होते हुए भी सीटों में अच्छा खासा फर्क आ जाता है। एक तरफ भाजपा अपनी सरकार किसी भी कीमत पर गोवा में खोना नहीं चााहती लेकिन मनोहर पर्रिकर के बाद आरएसएस और भाजपा में गुटबाजी उसके लिए खतरा है। कांग्रेस अभी भी बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है। तो आम आदमी पार्टी तमाम दावों के बावजूद टिकट बटवारें को लेकर अपने ही नेताओं का विरोध झेल रही है। गोवा विकास पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांटक पार्टी भी चाहेंगी कि उनकी स्थिति आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसी बने कि वो नई सरकार में अहम सहयोगी बन सकें। गोवा की जनता क्या फैसला लेती है ये पता तो 11 मार्च को ही चलेगा, जब ईवीएम मशीनों में कैद उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।

तो क्या फिर से पर्रिकर!
इस बीच यह बहस भी है कि जिस तरह से भाजपा की हालत गोवा में खस्ता हुई है क्या, फिर से पर्रिकर की वापसी हो सकती है? इसी से जुड़ा एक बयान मनोहर पर्रिकर ने 4 फरवरी को मतदान देने के बाद दिया था। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी वापसी के सवाल कहा था कि इसके बारे में आपको अमित जी ने कहा है, जो कहा है उतनी ही मैं वापस रिपीट करुंगा। मैं पार्टी का आदमी हूं, फैसला पार्टी करेगी। गोवा के खाने का जिक्र करते हुए पर्रिकर ने कहा कि दिल्ली में मेरा वजन 4 किलो कम हो गया, इसकी मुख्य वजह है खाना। उनकी इस टिप्पणी पर सवाल किए जाने पर पर्रिकर ने पत्रकारों से कहा कि मैंने कुछ नहीं कहा। मैंने कहा कि मुझे गोवा का खाना अच्छा लगता है। आप इसका कोई भी मतलब निकाल सकते हैं। इससे पहले पर्रिकर ने पणजी विधानसभा के बूथ में अपना मतदान किया।

मतदान से पहले सर्वे में कहा था..
मतदान से पहले हुए एक सर्वे में संभावना जताई गई थी कि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बन सकती है। सर्वे में कहा गया था कि गोवा में भाजपा को 15,कांग्रेस को 14, आप को 2 और अन्य को 9 सीटें मिल सकती हैं। सर्वे के मुताबिक 2012 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर जो 41.4 फीसदी था वो घट कर 31 फीसदी ही रह सकता है, कांग्रेस का वोट शेयर जो 34.9 फीसदी था, वो इस बार 26 फीसदी तक सिमट सकता है। वहीं आप को 13.2 फीसदी वोट शेयर का सीधा लाभ होगा। हालांकि अन्य को सर्वे में बढ़त मिलती दिख रही है। 2012 में अन्य जिन्हें 23.7 फीसदी का वोट शेयर मिला था, वो 2017 में बढ़कर 29.8 फीसदी तक जा सकता है।

अब का सर्वे कहता है...
चुनावी सर्वे की मानें तो गोवा में सी वोटर और इंडिया टीवी के एग्जिट पोल में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन रही है। पोल के मुताबिक, गोवा में बीजेपी 15 21 तो वहीं कांग्रेस को 12 18 सीटें मिल सकती हैं। 'आप' को 0 4 सीटें मिलने का अनुमान है। गोवा में विधानसभा की 40 सीटें हैं। न्यूज एक्स और एमआरसी के एग्जिट पोल में भाजपा को गोवा में सबसे बड़ी पार्टी रहने का अनुमान है। भाजपा 15 सीटें जीत सकती है और उसका वोट शेयर सबसे ज्यादा रहने की बात कही गई है। कांग्रेस के भी 10 सीटें तक जीतने का अनुमान जताया गया है। आम आदमी पार्टी को 7 जबकि भाजपा की सहयोगी एमएजी को 2 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि अन्य को भी 8 सीटें तक मिलने की बात कही है। एक्सिस इंडिया टुडे के एग्जिट पोल के मुताबिक गोवा में भाजपा और उसके साथी दलों को 18 से 22 सीटें मिल रही हैं। कांग्रेस को 9 से 13 सीटें जबकि पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी को शून्य से दो सीट मिल सकती हैं। अन्य को 6 से 11 सीटें मिल रही हैं।
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