'जिंदा रहेंगे तो कोविड का सामना दोबारा करेंगे', फिलहाल हमारा लक्ष्य लोगों की जान बचाना'
नई दिल्ली, मई 18। इस साल के पहले तूफान तौकते की तबाही का मंजर महाराष्ट्र के मुंबई से लेकर गुजरात के तटीय इलाकों तक देखने को मिल रहा है। ये तूफान गुजरात के तटीय इलाकों से सोमवार देर रात टकराया था। देर रात से ही नौसेना के चार INS युद्धपोत राहत बचाव के कार्य में जुटे हुए हैं। कोरोना संक्रमण के बीच जारी राहत बचाव के कार्य में कहीं ना कहीं संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में इस खतरे को लेकर नेवी स्टाफ के डिप्टी चीफ मुरलीधर सदाशिव पवार ने कहा है कि अभी हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को इस खतरे से बचाना है, कोरोना के खतरे से हम बाद में भी निपट सकते हैं। मुरलीधर पवार ने बताया कि नेवल स्टाफ के अधिकतर कर्मचारी वैक्सीन की डोज ले चुके हैं।

'पिछले 4 दशक का सबसे चुनौतीपूर्ण अभियान'
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए मुरलीधर पवार ने राहत बचाव अभियान की जानकारी देते हुए ने कहा है कि पिछले 4 दशक के अंदर मैंने इससे अधिक चुनौतिपूर्ण राहत बचाव अभियान नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि 4 INS युद्धपोत इस राहत बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
261 लोगों को बचाना अभी भी हमारा प्रथम लक्ष्य- नेवी
मुरलीधर पवार ने कहा कि हमारे ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य बार्ज पी305 पर सवार सभी लोगों को बचाना है। उन्होंने बताया कि बार्ज पी305 पर करीब 261 लोग अभी भी सवार हैं, जिनको बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि ये जहाज मुंबई से लगभग 60 किमी दूर पानी की ऊंची लहरों में डूब गया था।
'हमारे क्रू मेंबर हर चुनौती के लिए तैयार हैं'
मुरलीधर पवार ने आगे कहा कि हमारे युद्धपोत मिसाइलों का नुकसान झेलने के बाद भी अपनी युद्धक क्षमता को बनाए रख सकते हैं, लेकिन समुद्र की लहरें किसी को नहीं बख्शती हैं, समुद्र हमारा एक अच्छा दोस्त है, लेकिन दुश्मन भी है। आज जो परिस्थितियां बनी हुई हैं, उसमें भी हमारे क्रू मेंबर अच्छी तरह से ट्रेंड हैं, वो किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
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