मोदी के मंत्री के ऑफिस में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला, ओएसडी को हटाया
नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम मंत्रालय में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय श्रम मंत्री के ओएसडी को इस मामले में लिप्त होने के आरोप में पद से हटाया गया है। इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

ईपीएफओ में भ्रष्टाचार
श्रम मंत्रालय के आधिकारिक फाइलों से छेड़खानी और घूस लेने का यह मामला कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( ईपीएफओ) से जुड़ा है। केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) श्याम वीर टोंक को भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में पद से हटाया गया है।
READ ALSO: अब PF गिरवी रखकर खरीद सकेंगे अपना घर, जानें कैसे?
मामले की सीबीआई जांच
भ्रष्टाचार के इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा आधिकारिक फाइलों में किए गए फेरबदल और घूस लेने की जांच करने के लिए सीबीआई ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड के ऑफिस में आई थी।
क्या है मामला
रीजनल प्रोविडेंट फंड्स कमिश्नर रैंक के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर बेहतर वेतनमान पाने के लिए बड़ी राशि घूस के तौर पर दी। आरोप है कि यह घूस ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्यों और श्रम मंत्रालय के अधिकारियों को दी गई। ट्रस्टीज के सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने घूस के तौर पर बड़ी राशि लेकर ईपीएफओ के रीजनल प्रोविडेंट फंड्स कमिश्नर रैंक के अधिकारियों के ऊंचे वेतनमान किए जाने को मंजूरी दी।
READ ALSO: ये 10 हजार कंपनियां खा गईं पीएफ के पैसे
आधिकारिक फाइलों के नोट में फेरबदल
आरोप यह भी है कि श्रम मंत्रालय तक फाइल पहुंचने से पहले ही ईपीएफओ में कैडर को बदलने से संबंधित महत्वपूर्ण नोट से भी छेड़खानी की गई।
कैसे सामने आया यह मामला
यह मामला उस समय सामने आया जब ईपीएफओ सेक्शन ऑफिसर्स एसोसिएशन ने पिछले महीने सीबीआई डायरेक्टर को चिट्ठी लिखकर ईपीएफओ में कैडर के पुनर्गठन में बड़ा भ्रष्टाचार होने की बात कही और इसके जांच की मांग की।












Click it and Unblock the Notifications