संसद में बोलने के लिए जैसे ही खड़े हुए BJP सांसद प्रवेश वर्मा, विपक्ष ने किया वॉकआउट
नई दिल्ली। बजट पेश होने के बाद सोमवार को संसद की कार्यवाही का पहला दिन है। लोकसभा की कार्यावाही सोमवार सुबह जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सोमवार को सत्र शुरू होने पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के भाषण पर मोशन ऑफ थैंक्स पर जैसे ही बीजेपी के सांसद प्रवेश वर्मा ने बोलना शुरू किया, उसी समय विपक्षी दलों के सांसद सदन छोड़कर बाहर चले गए।

दरअसल लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही दोबारा शुरू हुई, विपक्ष के नेताओं ने फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विरोध कर रहे सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि वो माननीय संसद हैं। उन्हें सदन में बोलने का हक है। गलत परंपरा मत शुरू कीजिए। सदन के बाहर जो घटनाएं घटित हुई हैं उसको सदन के अंदर उठाना ठीक नहीं है। इसलिए प्रवेश वर्मा को बोलने दीजिए। जिसके बाद कई विपक्ष के नेता सदन से वॉकआउट कर गए।
सदन में बोलते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि, पश्चिम दिल्ली से सांसद प्रवेश साहिब सिंह संसद में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में भी श्री राम का चित्र है। इसका मतलब यह नहीं कि संविधान कम्युनल हो गया। आपको इस बात की तकलीफ होती है कि आप हमें गाली देते हैं फिर भी हमें जनता 303 सीटें दे देती है। हम अगर 303 सीट में बुरे हैं तो कांग्रेस 52 सीट में कितनी बुरी है और आम आदमी पार्टी एक सीट में कितनी बुरी है।
वर्मा ने कहा कि, पूरी दुनिया प्रधानमंत्री जी की तारीफ कर रही है, सम्मान दे रही है लेकिन हमारे देश के लोग उन्हें गाली दी। ये कहते हैं कि हम विपक्ष को खत्म करना चाहते हैं। हम ऐसे विपक्ष को क्यों खत्म करेंगे जिसमें आदरणीय राहुल जी हमारे स्टार प्रचारक हैं। कांग्रेस कहती है कि हम भाईचारा खत्म कर रहे हैं। हमारे सत्ता में आने के बाद तो एसपी और बीएसपी एक हो गई। हमारे आने के बाद शिवसेना-कांग्रेस एक हो गई। टीएमसी और वामदलों ने हाथ मिला लिए, दिल्ली में AAP और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बना ली। तो हमारे आने के बाद भाईचारा कम कैसे हुई?
बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमारे देश में एक विधान दो संविधान नहीं चलेगा। आप वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा करना चाहते हैं, लेकिन हमारी सरकार उनके विकास के लिए काम करना चाहती है। 370 हटाने के बाद अगर चार लोगों को बंद कर दिया तो क्या बुरा किया। उन्हें क्या बाहर रहकर खेती करनी है। वो आज भी अंदर बैठकर बिरयानी खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार में पत्र से नहीं चरित्र से पद्म श्री मिलना शुरू हुआ है। आपके समय में लोग पद्म श्री के लिए पत्र लिखवाने आते थे।












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