भारी विरोध के बीच केरल के राज्यपाल ने सदन में CAA के विरोध में पढ़ा प्रस्ताव

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करने वाले केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद को केरल की विधानसभा में विरोध का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष ने केरल विधानसभा में आरिफ मोहम्मद का रास्ता रोक दिया। आज जब वह सदन में पहुंच तो विपक्ष ने उनका रास्ता रोक दिया और इस बात की मांग करने लगे कि उन्हें वापस बुला लिया जाए। आरिफ मोहम्मद केरल के मुख्यमंत्री पीनारयी विजयन के साथ सदन में पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने यूडीएफ विधायकों से मुलाकात की जोकि उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। ये लोग तख्तियां लेकर आए थे, जिसमे लिखा था राज्यपाल को वापस बुलाओ, हम लोग सीएए के खिलाफ हैं।

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राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी

बता दें कि सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास करने वाला केरल पहला राज्य था। केरल सरकार ने सीएए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केरल सरकार के दोनों ही फैसलों की राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आलोचना की थी। जिस दौरान आरिफ मोहम्मद का विरोध हो रहा था और उन्हें सदन के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा था उसके बीच आरिफ मोहम्मद खान शांति से वहां खड़े रहे और मुस्कुरा रहे थे। वहीं उनके बगल में खड़े मुख्यमंत्री लोगों से रास्ता छोड़ने के लिए कह रहे थे और राज्यपाल को आगे जाने के लिए रास्ता देने का इशारा कर रहे थे।

विरोध प्रदर्शन

इसके बाद सदन के मार्शल ने राज्यपाल को रास्ता दिया और वह पोडियम पर पहुंचे। जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ। जैसे ही राष्ट्रगान खत्म हुआ विपक्ष के विधायक वेल में इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे। यही नहीं इन लोगों ने राज्यपाल का सरकार की नीतियों को लेकर संबोधन का भी बहिष्कार किया। तमाम विधायक सदन से बाहर गेट पर बैठ गए। अपने भाषण में राज्यपाल ने कहा कि मैं सीएए की आलोचना के इस पैराग्राफ को पढ़ रहा हूं क्योंकि पीनारयी विजयन ने उनसे अपील की है।

सीएए के विरोध में प्रस्ताव को पढ़ा

बता दें कि केरल विधानसभा ने सीएए के खिलाफ सदन में प्रस्ताव पास किया था, जिसके विरोध में आरिफ मोहम्मद बोल रहे थे। पहले तो उन्होंने सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण में सीएए के खिलाफ वाल पैरा को बोलने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने इस नीति को लेकर सरकार द्वारा लिखे पैराग्राफ को पढ़ा। हालांकि आरिफ मोहम्मद ने कहा कि उन्होंने पीनारयी विजयन की अपील के बाद आपसी विचार में मतभेद के बावजूद इस पैराग्राफ को पढ़ा। भाजपा नेता जया सूर्यन ने विपक्ष के प्रदर्शन को देशद्रोह बताया और इसे संविधान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस स्थिति का सामना करने में सक्षम हैं।

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