OPINION: तेलंगाना में 9 वर्षों में आई आर्थिक समृद्धि अविश्वसनीय है!

तेलंगाना राज्य आज देश में आर्थिक समृद्धि का मॉडल बनकर उभरा है। रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट से भी इसकी गवाही मिल रही है। प्रदेश में चौतरफा तरक्की हो रही है और यह सब 9 वर्षों में हुआ है।

Economic prosperity is coming in Telangana, per capita income is also increasing in the state and GSDP is also increasing

आर्थिक प्रगति किसे कहते हैं, यह तेलंगाना में आकर देखा जा सकता है। राज्य की आर्थिक समृद्धि तेलंगाना में कदम रखते ही पता चल जाता है। वित्त वर्ष 2022-23 की एक रिपोर्ट में रिजर्व बैंक ने कहा है यह आज देश के उन चंद राज्यों में शामिल है, जो देश में हो रहे आर्थिक बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि बीते 9 वर्षों में तेलंगाना ने जो विकास किया है, वह अविश्वसनीय है। प्रति व्यक्ति आय में भी इस राज्य ने अपनी एक विशेष जगह बनाई है। इस मामले में सभी दक्षिणी राज्यों में तेलंगाना पहले स्थान पर है।

Economic prosperity is coming in Telangana, per capita income is also increasing in the state and GSDP is also increasing

नौ वर्षों में करीब तीन गुना बढ़ी GSDP
जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था तो इसका सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) सिर्फ 5.05 लाख करोड़ रुपए था। बीते वित्त वर्ष (2022-23) में यह लगभग तीन गुना बढ़कर 13.3 लाख करोड़ रुपए हो चुका है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में इसकी प्रगति की रफ्तार तो अकल्पनीय ही है। वित्त वर्ष 2014-15 में तेलंगाना की प्रति व्यक्ति 1,12,162 करोड़ रुपए थी। जो कि इस साल मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष में बढ़कर 2,75,443 करोड़ रुपए हो चुकी थी। इसी का परिणाम है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP)में तेलंगाना की भागीदारी करीब 5 फीसदी है। दूसरे स्थान पर कर्नाटक है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 2,65,623 रुपए है। 2,41,131 रुपए प्रति व्यक्ति आय के साथ तमिलनाडु तीसरे और 2,30,601 रुपए के साथ केरल चौथे स्थान पर है। जबकि, जिस आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग हुआ है, उसकी प्रति व्यक्ति आय 2,07,771 रुपए है।

Economic prosperity is coming in Telangana, per capita income is also increasing in the state and GSDP is also increasing

इस तरह से अर्थव्यवस्था की मजबूती में टॉप पर है तेलंगाना
किसी राज्य की वित्तीय स्थिति कितनी मजबूत है, इसका निर्धारण रिजर्व बैंक मुख्य रूप से वहां के सकल राज्य घरेलू उत्पाद और ऋण के अनुपात के आधार पर करता है। GSDP के अनुपात में राज्य पर ऋण का बोझ जितना कम रहेगा, आरबीआई उसकी अर्थव्यस्था को उतना ही मजबूत मानेगा। इस नजरिए से तेलंगाना टॉप स्थान पर है। इस समय तेलंगाना राज्य पर GSDP के मुकाबले ऋण का भार सिर्फ 25.3 फीसदी है। यह 11.3 फीसदी ब्याज देकर दूसरे राज्यों से कहीं अच्छा कर रहा है। दक्षिण के बाकी चारों राज्यों ने तेलंगाना के अनुपात में ज्यादा लोन ले रखे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में GSDP-लोन का अनुपात 27.5 फीसदी, तमिलनाडु में 27.7 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 32.8 फीसदी और केरल में 37.2 फीसदी है।

Economic prosperity is coming in Telangana, per capita income is also increasing in the state and GSDP is also increasing

लोक कल्याण और राज्य के विकास को मिल रही प्राथमिकता
तेलंगाना राज्य आज आमदनी और आर्थिक विकास दोनों ही मामलों में टॉप पर है और राज्य सरकार कल्याणकारी और विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से इसका लाभ आम जनता तक पहुंचा रही है। केसीआर सरकार में इन दोनों ही क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य में निवेश के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। प्रति व्यक्ति आय की बढ़त का सिलसिला भी लगातार जारी है। मतलब, राज्य में चौतरफा विकास हो रहा है और इसके लिए एक मजबूत आधारशिला तैयार की गई है। यूं कह सकते हैं कि बीते 9 वर्षों में राज्य में जो कुछ हुआ है, उसका लाभ प्रदेश की जनता को अगले कई दशकों तक मिल सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+