Opinion: तेलंगाना में सीएम केसीआर की आक्रामक चुनावी रणनीति के सामने पस्त विपक्ष
तेलंगाना में कुछ ही महीने में चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव हैट्रिक लगाने के लिए एक से बढ़कर एक फैसले ले रहे हैं। महत्वपूर्ण रणनीतियों पर अमल किया जा रहा है। सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति की सरकार के कदमों से विपक्ष खुद को संभाल नहीं पा रहा है। विपक्षी दल सोचें उससे पहले ही 115 उम्मीदवारों के नाम ऐलान कर दिए गए हैं।
केसीआर सरकार साथ के साथ जनहित के फैसले भी लेते चल रही है, जिसने विपक्ष को डिफेंसिव मोड में डाल रखा है। जो लोग बीआरएस छोड़ने की सोच भी रहे होंगे, उनके कदम ठहर से गए हैं।

केसीआर की रणनीति के सामने पस्त विपक्ष
मुख्यमंत्री केसीआर जिस तरह से इस बार कदम बढ़ा रहे हैं, वह पहले नहीं देखा गया है। विपक्ष ने जो वादों के सब्जबाग दिखाने शुरू किए हैं, राज्य सरकार ने उसे अभी से ही लागू करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने चार हजार रुपए पेंशन देने का वादा किया है और मुख्यमंत्री ने कह दिया है कि वह इसे लागू करेंगे।

वादे नहीं, अमल करके दिखाने की तैयारी
विपक्षी पार्टियों को लग रहा था कि केसीआर से जो वादे पूरे करने में देरी हो रही है, वह उसके पक्ष में काम करेगा। लेकिन, सरकार तैयार है। लोन माफी समेत सभी वादे समय से पहले पूरे होंगे। ऊपर से सरकारी कर्मचारियों के लिए भी व्यापक पहल की जा रही है। सीएम केसीआर उन्हें अंतरिम राहत देने के साथ ही वेतन संशोधन आयोग बनाने की घोषणा के लिए भी तैयार हो रही है।

पॉजिटिव वोटिंग पर केसीआर को है भरोसा
10 साल तक सरकार में रहने की वजह से थोड़ा-बहुत विरोध स्वाभाविक है। लेकिन, सीएम केसीआर को भरोसा पॉजिटिव वोटिंग पर है। उन्हें अपने उन फैसलों और योजनाओं पर यकीन है, जो 9-10 साल में उनकी सरकार ने लिए हैं और लागू किए हैं। चाहे राज्य में खेती लायक जमीन का विस्तार हो या फिर पूरे हो चुके प्रोजेक्ट और फिर राजधानी हैदराबाद का कायाकल्प हो। इनके अलावा मुख्य फोकस 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक की वह ऋण माफी है, जिसका फायदा किसानों को मिला है।

विपक्षी सोच से आगे चल रही है केसीआर की रणनीति
चुनाव से पहले के सर्वे सरकार के पक्ष में हैं। इससे खासकर यह स्पष्ट है कि 24 घंटे बिजली, राज्य में हुआ निवेश और कल्याणकारी योजनाओं पर अमल को लेकर जनता खुश है। ऊपर से चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री तमाम ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे विपक्षी दलों को संभलने का मौका ही नहीं मिल रहा है। वह एक रणनीति तैयार करने की सोचते हैं, उससे पहले ही उनकी चुनावी धार को कुंद करने का फैसला हो जाता है।

115 उम्मीदवारों के नाम का सबसे पहले ऐलान
चुनावी राजनीति का यही दम है कि सीएम केसीआर ने 115 उम्मीदवारों के नाम सबसे पहले तय कर दिए हैं। इससे जाहिर है कि उन्हें अपने मौजूदा विधायकों और पॉजिटिव वोटिंग को लेकर पक्का भरोसा है। विपक्ष से पहले उम्मीदवारी तय करने के साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि ये सभी उम्मीदवार चुनाव तक अब अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही वोटरों के बीच रहेंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में सीएम की दो-दो जनसभाओं की तैयारी की जा रही है।

केसीआर की रणनीति पूरी तरह से तैयार है। जिन विधायकों का टिकट किसी वजह से काटा गया है, उन्हें भविष्य के लिए भरोसा दिया गया है। जिन लोगों की दूसरी पार्टियों में जाने की जरा भी आशंका है, उन्हें रोकने के लिए सारे सियासी घोड़े छोड़ दिए गए हैं। ऊपर से जो लोग दूसरे दलों से बीआरएस में आने की सोच रहे हैं, उनके लिए ठोस योजना तैयार हो चुकी है।












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