सबरीमाला मामला: क्या कहती है भाजपा, कांग्रेस और महिला कार्यकर्ता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर फैसला नहीं सुनाया है। कोर्ट ने मामला 7 जजों की पीठ को सौंप दिया है। ये मामला सबरीमाला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं के प्रवेश से जुड़ा है। दरअसल बीते साल सितंबर माह में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले में 4-1 की बहुमत से ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। जिसके तहत सभी आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिल गई थी।

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इससे पहले 10 से 50 साल की महिलाएं ही मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती थीं। यहां सदियों से यह परंपरा रही है कि भगवान अयप्पा के दर्शन वो महिलाएं नहीं कर सकती हैं, जिन्हें मासिक धर्म होता है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रथा को महिलाओं के साथ भेदभाव मानते हुए सभी को प्रवेश की अनुमति के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट के इस फैसले का कुछ लोगों ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा के लिए याचिकाएं दायर की गईं, जिनपर कोर्ट आज फैसला सुनाने वाला था। लेकिन अब ये मामाल बड़ी पीठ को सौंप दिया गया है। चलिए जानते हैं कि सबरीमाला मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और महिला कार्यकर्ताओं का क्या कहना है-

भारतीय जनता पार्टी-

भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन का कहना है, 'सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला की परंपराओं को बरकरार रखा है.. इस फैसले से साफ है कि राज्य को विश्वास के मामलों में खुद को शामिल नहीं करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार मंदिर में युवा महिलाओं को लाने की कोशिश नहीं करेगी। इस फैसले ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि पिछला फैसला गलत था.... केरल सरकार को 7 जजों की पीठ को अपना फैसला देने तक संयम दिखाना चाहिए।'

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने सबरीमाला मामले को बड़ी पीठ को सौंपे जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि वह भक्तों के अधिकारों की रक्षा और विश्वास बनाए रखने की दिशा में इस फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि ये मामला कभी मौलिक अधिकारों का नहीं रहा है। यह समाज द्वारा स्वीकृत सदियों पुरानी परंपरा का मामला था।

महिला कार्यकर्ता-

महिला कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को उम्मीद है कि बड़ी पीठ सितंबर 2018 में आए फैसले को नहीं पलटेगी। वह कहती हैं, 'तीन जजों की ये पीठ भी महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में है और मेरा मानना ​​है कि बड़ी पीठ भी महिलाओं के पक्ष में सुनवाई के बाद फैसला देगी।'

बता दें तृप्ति देसाई ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें रोक लिया गया था। देसाई कहती हैं कि वह एक बार मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश करेंगी।

कांग्रेस-

केरल कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'फैसला बहुत हद तक कांग्रेस के रुख के अनुरूप है... भक्तों की भावनाओं को बरकरार रखा गया है.... अब मेरा केवल इतना अनुरोध है कि राज्य सरकार को स्थिति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।'

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