'Operation Sindoor में भारत को नुकसान नहीं, विदेशी मीडिया ने फैलाया झूठ',भारत के James Bond का बड़ा बयान,Video
NSA Ajit Doval on Operation Sindoor: पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने पहली बार बयान दिया है। आईआईटी मद्रास में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बोलते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने विदेशी मीडिया और पाकिस्तान को जमकर लताड़ लागई है, उन्होंने कहा कि 'हमें ऑपरेशन सिंदूर पर नाज है, हमें गर्व है कि इस ऑपरेशन के दौरान हमने स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया।'
इसके बाद उन्होंने कहा कि 'विदेशी मीडिया ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत को नुकसान पहुंचाया, आप मुझे एक भी तस्वीर बताइए, जिसमें किसी भी भारतीय (संरचना) को कोई नुकसान पहुंचा हो, यहां तक कि एक शीशा भी टूटा हो, कहीं कुछ डैमेज हुआ है, कहीं दिखाइए और बताइए।'

'उन्होंने (विदशी मीडिया) ये बातें लिखीं और प्रसारित कीं, तस्वीरों में 10 मई से पहले और बाद में पाकिस्तान के केवल 13 हवाई अड्डे दिखाई दिए, चाहे वह सरगोधा हो, रहीम यार खान हो, या चकलाला हो, मैं आपको केवल वही बता रहा हूं, जो विदेशी मीडिया ने तस्वीरों के आधार पर प्रसारित किया, हम ऐसा करने में सक्षम हैं।'
'पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे' (Operation Sindoor)
उन्होंने आगे कहा कि 'हमने पाकिस्तान के आर-पार 9 आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साधने का फैसला किया, ये सीमावर्ती इलाकों में नहीं थे। हमसे कोई भी चूक नहीं हुई। हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं साधा। यह उस बिंदु तक सटीक था जहां हमें पता था कि कौन कहां है? पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे, आप मुझे एक भी तस्वीर बताइए जिसमें भारत को कोई नुकसान दिखाई दे।'
'विदेशी मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं' (Operation Sindoor)
उन्होंने कुछ लिखा,' न्यूयॉर्क टाइम्स...लेकिन सच यही है कि ऑपरेशन सिंदूर की वजह से भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है, विदेशी मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं। हमने सीमापार नौ पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले का फैसला किया था, हमारे सभी निशाने सटीक रहे।'
पहलगाम अटैक के जवाब में हुआ Operation Sindoor
आपको बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था, उसमें सीमापर नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस ऑप्रेशन की कमान अजीत डोभाल के ही हाथ में थी।
अजीत डोभाल को लोग 'जेम्स बांड' कहते हैं (Operation Sindoor)
मालूम हो कि अजीत डोभाल को लोग 'संकटमोचक' और 'जेम्स बांड' के नाम से संबोधित करते हैं। वो पीएम मोदी के 'मिस्टर भरोसेमंद' भी कहे जाते हैं। 20 जनवरी 1945, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में जन्मे अजीत डोभाल 1968 बैच के इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) अधिकारी रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और एयर स्ट्राइक (2019) की सफल स्कीम में भी डोभाल का ही हाथ कहा जाता है।
आइए एक नजर नजर डालते हैं ष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अब तक के सफर पर
- अजीत डोभाल का के पिता जी सेना में अधिकारी थे।
- अजीत डोभाल की प्रारंभिक शिक्षा अजमेर मिलिट्री स्कूल से हुई ।
- उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री प्राप्त की।
- 1968 में अजीत डोभाल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए और केरल कैडर से कार्यभार संभाला।
- 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार ने उन्हें भारत का NSA नियुक्त किया।
- इसके बाद उन्होंने उरी सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और बालाकोट एयरस्ट्राइक (2019) जैसे ऑपरेशनों में निर्णायक भूमिका निभाई।
- अजीत डोभाल को 1988 में कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, जो शांति के समय किसी पुलिस अधिकारी को दिया गया पहला ऐसा वीरता पुरस्कार था।












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