Ex IAS Subrata Gupta बने बंगाल सीएम सुवेंदु अधिकारी के सलाहकार, कौन हैं ये जिन्हें सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
Ex IAS Subrata Gupta: पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्य की कमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिल चुकी है। सुवेंद्र अधिकारी के प्रतिनिधित्व में बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद से प्रशासनिक स्तर पर बड़ी फेरबदल शुरू हो चुकी है। सरकार के गठन के बाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वहीं शांतनु बाला को मुख्यमंत्री का निजी सचिव बनाया गया है। इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना शनिवार को राज्य सरकार ने जारी की।
सुब्रत गुप्ता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान चुनाव आयोग में स्पेशल रोल ऑब्जर्वर की भूमिका निभाई थी। सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न होने के बाद निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया था। इसके बाद अब राज्यपाल ने डॉ. सुब्रत गुप्ता को तत्काल प्रभाव से बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंद्रु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त करने को मंंजूरी दे है।

Ex IAS Subrata Gupta कौन हैं?
सुब्रत गुप्ता बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकार हैं। सुब्रत गुप्ता का लंबा प्रशासनिक अनुभव नई सरकार को नीति-निर्माण और सुशासन संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा। स्वयं बंगाल के मूल निवासी सुब्रत गुप्ता को राज्य की गहरी समझ है। उनके पास 35 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है, जिसके दौरान उन्होंने 27 विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने वामदलों और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों के कार्यकाल में भी राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभाई हैं।
बंगाल चुनाव में निभाई 'स्पेशल रोल ऑब्जर्वर' का रोल
निर्वाचन आयोग ने उन्हें नवंबर 2025 में पश्चिम बंगाल के लिए 'स्पेशल रोल ऑब्जर्वर' नियुक्त किया था, जिसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की देखरेख करना था। उनकी इस भूमिका में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से लेकर विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक की बड़ी जिम्मेदारियां शामिल थीं।
IAS अधिकारी शांतनु बाला कौन हैं? नियुक्त किए गए सीएम के निजी सचिव
राज्य सरकार ने 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को भी मुख्यमंत्री का निजी सचिव नियुक्त किया है। इससे पहले, शांतनु बाला दक्षिण 24 परगना जिले में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत थे। अधिकारियों के अनुसार, ये नियुक्तियाँ सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के पुनर्गठन का हिस्सा हैं। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में पहली बार बनी BJP सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 वर्षों के शासन का अंत किया। 4 मई को घोषित हुए चुनाव परिणामों में भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर ही सिमट गई।
शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में दो महत्वपूर्ण सीटों से जीत दर्ज की जिसमें ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर और नंदीग्राम सीट शामिल है। नियमों के अनुसार, उन्हें अब एक सीट छोड़नी होगी। एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर, पिछले 55 वर्षों में यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कोलकाता के बाहर किसी क्षेत्र से आया है। शुभेंदु अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले के निवासी हैं। इससे पहले, जून 1971 में अपना कार्यकाल समाप्त करने वाले अजय कुमार मुखर्जी अंतिम मुख्यमंत्री थे, जो कोलकाता से बाहर के थे।














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