Operation Brahma Update: म्यांमार में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत का क्या है रोल? कैसे पहुंच रही राहत?
Operation Brahma Update: भारत ने 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से प्रभावित म्यांमार (Myanmar Earthquake) को मदद पहुंचाने के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया है। इस आपदा में अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 4,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के तहत भारतीय नौसेना, वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारत ने 400 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है, जिसमें खाद्य आपूर्ति, चिकित्सा सहायता, टेंट और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। भारतीय सेना के विशेषज्ञों द्वारा एक फील्ड अस्पताल भी स्थापित किया गया है, जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

बचाव और राहत कार्य में भारत की क्या है भूमिका?
- NDRF की 80 सदस्यीय टीम मलबे में फंसे जीवित लोगों की तलाश कर रही है।
- भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान ने 16 टन मानवीय सहायता मांडले पहुंचाई।
- आईएनएस घड़ियाल युद्धपोत ने 442 टन खाद्य सामग्री लेकर विशाखापत्तनम से प्रस्थान किया।
- आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री ने 50 टन राहत सामग्री यांगून पहुंचाई।
- 29 मार्च को, भारतीय वायुसेना के दो C-130 और दो C-17 विमान 85 टन उपकरण और 120 कर्मियों को लेकर नेपीताव पहुंचे।
'पड़ोसी पहले' नीति के तहत तेजी से मदद
भारत की यह सहायता 'पड़ोसी पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का हिस्सा है। संकट के इस समय में भारत ने म्यांमार को सबसे तेजी से और सबसे अधिक राहत पहुंचाने वाले देश के रूप में अपनी भूमिका निभाई है।
'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत भारत म्यांमार में प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने में जुटा है। सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त कोशिशों से राहत कार्य तेज किया गया है, जिससे हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिल रही है।












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