One Nation One Election Committee: राम नाथ कोविंद के नेतृत्व वाली समिति में कौन-कौन से सदस्य शामिल?
One Nation One Election Committee: मोदी सरकार 3.0 कैबिनेट ने बुधवार को देश में एक साथ चुनाव कराने पर राम नाथ कोविंद के नेतृत्व वाली पैनल की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। सूत्रों ने बताया, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखी गई। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता वाली पैनल ने मार्च में लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले यह रिपोर्ट सौंपी थी। कैबिनेट के सामने रिपोर्ट रखना कानून मंत्रालय के 100-दिवसीय एजेंडा का हिस्सा था।
उच्च स्तरीय समिति ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी, इसके बाद 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनावों का समन्वयन किया जाए। पैनल ने समिति द्वारा की गई सिफारिशों के कार्यान्वयन को देखने के लिए एक 'इम्प्लीमेंटेशन ग्रुप' स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया था।
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कौन-कौन थे इस समिति का हिस्सा?
'एक देश, एक चुनाव' समिति का नेतृत्व भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई प्रतिष्ठित सदस्य शामिल थे। इसके अलावा, समिति में अधीर रंजन चौधरी जैसे प्रमुख राजनेता शामिल थे, जिन्होंने लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में काम किया। गुलाम नबी आज़ाद, जो राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता थे वो भी इस कमिटी में शामिल थे।
इसमें 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व जैसे कि डॉ. सुभाष कश्यप, जो लोकसभा के पूर्व महासचिव और संवैधानिक विशेषज्ञ हैं, के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी भी शामिल थे।
क्या है रिपोर्ट में?
पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाले पैनल ने मार्च में लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। कैबिनेट के सामने रिपोर्ट रखना कानून मंत्रालय के 110-दिवसीय एजेंडे का हिस्सा था।
पैनल ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से संसाधनों की बचत होगी, विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा, "लोकतांत्रिक ढांचे की नींव" गहरी होगी और "भारत, जो कि इंडिया है" की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
पैनल ने यह भी सिफारिश की कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से एक सामान्य मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र तैयार करे।
वर्तमान में, ईसीआई लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए जिम्मेदार है, जबकि नगरपालिकाओं और पंचायतों के स्थानीय निकाय चुनाव राज्य चुनाव आयोगों द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं।












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