शिवसेना पर अमित शाह का सीधा निशाना- 'सत्ता के लिए कैसे-कैसे रंग बदलते हैं लोग'
नई दिल्ली- नागरिकता संशोधन बिल पर लोकसभा से राज्यसभा तक में आए शिवसेना के रुख में बदलाव पर गृहमंत्री अमित शाह ने जोरदार तंज कसा है। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने बिल का समर्थन किया था। उन्हें महाराष्ट्र के लोगों को बताना चाहिए कि एक रात में ऐसा क्या हो गया कि उन्हें अपना स्टैंड बदलना पड़ गया। बता दें कि सोमवार को लोकसभा में संसद में शिवसेना के स्टैंड देखने के बाद मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इशारों में एक ट्वीट आया था, जिसमें शिवसेना की ओर ही इशारा था। उसी के बाद से ही पार्टी के सुर बदलाव नजर आने लगा था और आखिरकार वह बुधवार को इस बिल पर वोटिंग से वॉकआउट कर गई।

'सत्ता के लिए कैसे-कैसे रंग बदलते हैं लोग'
लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में मतदान किया था। लेकिन, दो दिन बाद ही जब राज्यसभा में बिल आया तो शिवसेना के रवैये में काफी बदलाव नजर आया। आखिरकार शिवसेना वोटिंग से वॉकआउट कर गई। इससे पहले शिवसेना की ओर से बोलते हुए संजय राउत ने जिस अंदाज में भाषण दिया उससे जाहिर था कि उनकी पार्टी का स्टैंड दो दिन पहले वाला नहीं है। बाद में जब गृहमंत्री अमित शाह बिल पर हुई बहस का जवाब देने आए तो उन्होंने सीधे अपनी पुरानी सहयोगी पर निशाना साध दिया। उन्होंने कहा-'मान्यवर..... मुझे आश्चर्य होता है कि सत्ता के लिए लोग कैसे-कैसे रंग बदलते हैं। मान्यवर....लोकसभा में शिवसेना ने इस बिल का समर्थन किया था। मुझे ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र को भी बताएं कि आज रात को क्या हुआ कि शिवसेना ने अपना स्टैंड बदल लिया।'
सिब्बल को शाह का जवाब
इसी तरह गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के सवालों का भी उनका नाम लेकर जवाब दिया। कपिल सिब्बल ने कहा था कि आपने (अमित शाह) कहा कि मुस्लिमों को इस बिल से नहीं डरना चाहिए। सिब्बल बोले वह आपसे नहीं डरते हैं। इसके जवाब में शाह ने कहा- 'कपिल सिब्बल जी ने कहा कि 'मुस्लिम आपसे नहीं डरते।' उन्हें भी नहीं डरना चाहिए। और आप डरिए भी मत। भारत के मुसलमान की नागरिकता कोई नहीं छीन रहा है। यह नागरिकता देने का बिल है, नागरिकता लेने का नहीं।'
सपा सांसद को शाह का जवाब
गृहमंत्री ने उसी अंदाज में समाजवादी पार्टी सांसद जावेद अली खान को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा- "जावेद अली खान ने कहा 'हम मुस्लिम- मुक्त बन जाएंगे' जावेद अली खान साहब अगर आप भी चाहोगे तब भी यह देश मुस्लिम-मुक्त नहीं होगा'।" इससे पहले जावेद अली खान ने कहा था कि सरकार बिल में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश का नाम क्यों ले रही है और 6 धर्मों का नाम क्यों ले रही है। इसकी जगह पड़ोसी मुल्कों और वहां के अल्पसंख्यकों का जिक्र होना चाहिए, इसके बाद ज्यादातर लोग इसका विरोध नहीं करेंगे।












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