आंधी-तूफान से बर्बाद हुई फसल और पशु, योगी सरकार का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान, भारी बारिश और बिजली गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है और कई लोगों की जान भी गई है। इस संकट की घड़ी में योगी सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को तुरंत मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा करें, पीड़ितों से मिलें और जमीनी हालात का जायजा लें।

Uttar Pradesh Storm Relief for Farmers and Livestock

मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि इस मुश्किल वक्त में सरकार पूरी तरह जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपदा में जान गंवाने वालों के परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। इसके साथ ही किसानों, पशुपालकों और अन्य प्रभावितों को भी जल्द से जल्द राहत पहुंचाने को कहा गया है। फसल और पशुओं के नुकसान के लिए भी मुआवजे की राशि तय कर दी गई है।

राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जिलों के डीएम और एडीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर नुकसान की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद पीड़ितों के घर जाएं और सुनिश्चित करें कि बिना किसी देरी के मदद उन तक पहुंचे। राहत आयुक्त ने बताया कि उनके कार्यालय में बने कंट्रोल रूम से स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

मौसम विभाग (IMD) के अलर्ट के बाद, 'सचेत' पोर्टल के जरिए जनता को रेड और ऑरेंज अलर्ट के 34 करोड़ से ज्यादा मैसेज भेजे गए। सरकार ने सभी जिला कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्यों पर पैनी नजर रखने को कहा है। किसी भी आपात स्थिति में आपदा राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 के जरिए तुरंत मदद ली जा सकती है।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, जिलाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के जरिए 100 फीसदी राहत वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। राहत पैकेज के तहत उन किसानों को मुआवजा मिलेगा जिनकी 33 प्रतिशत से ज्यादा फसल बर्बाद हुई है। इसमें असिंचित क्षेत्रों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्रों के लिए 17,000 रुपये और 12 महीने वाली फसलों व कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद तय की गई है।

यह आर्थिक सहायता दो हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसानों को दी जाएगी। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण खेतों में जमा हुई सिल्ट और मलबे को हटाने के लिए भी सरकार ने 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की मदद का प्रावधान किया है। इस कदम से किसान जल्द से जल्द दोबारा खेती शुरू कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता और तेजी से पूरा करें ताकि सभी पात्र लोगों को समय पर मदद मिल सके। इसके साथ ही योगी सरकार ने पशुपालकों के लिए भी मुआवजे का ऐलान किया है।

दुधारू पशुओं जैसे गाय और भैंस की मौत पर 37,500 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। गैर-दुधारू पशुओं जैसे बैल और घोड़ों के लिए 32,000 रुपये, जबकि बछड़े, गधे और खच्चर के लिए 20,000 रुपये की सहायता राशि तय की गई है। भेड़, बकरी और सूअर के नुकसान पर पशुपालकों को प्रति पशु 4,000 रुपये मिलेंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहमियत को देखते हुए सरकार का यह फैसला काफी राहत देने वाला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किए जाएं। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है ताकि किसान और ग्रामीण परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

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