• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे के असली जासूस का पता चला

|

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने जिस तरह से पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, कई आतंकी ठिकानों का ध्वस्त किया उसमें उन्हें इसरो के भी एक 'युद्ध मशीन' ने बड़ी सहायता दी थी।

surgical strike

सर्जिकल स्ट्राइक की कामयाबी में इसरो का अहम योगदान

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) के एक सेटेलाइट का रोल अहम था। इसरो, भारत में तेजी से एक बड़ी क्षमता को विकसित कर रहा है जिसे कार्टोसेट श्रेणी का सेटेलाइट कहा जाता है।

बिहार: एसएचओ की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम

इसे सी4आईएसआर कहा जाता है। सी4आईएसआर यानी कमांड, कंट्रोल, कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर, इंटेलिजेंस, सर्विलांस, और रिकंनाइन्सेंस।

भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक में कार्टोसेट श्रेणी के सेटेलाइट से मिले चित्रों से आतंकियों के कैंपों का सही पता लग सका। इससे भारतीय कमांडों उन कैंपों को ठीक ढंग से टारगेट करने में सफल रहे।

कार्टोसेट श्रेणी के सेटेलाइट से मिली आतंकी ठिकानों की तस्वीरें

कार्टोसेट श्रेणी के सेटेलाइट की तस्वीरों से ही कमांडों को अंधेरे में भी अपना मिशन कामयाब बनाने में सहूलियत हुई। इसरो के इन सेटेलाइट की मदद से भारत के सीमाओं की सुरक्षा दिन या रात हर वक्त आसानी से की जा सकती है।

जानिए क्‍या होता है सर्जिकल स्‍ट्राइक जिसे इंडियन आर्मी ने PoK में दिया अंजाम

इसरो आम तौर पर ऐसी लड़ाइयों में सीधे तौर पर कोई सहयोग नहीं करता है, ये विशुद्ध रूप से आम नागरिकों के लिए काम करने वाली एजेंसी है, लेकिन इसके बनाए सेटेलाइट्स राष्ट्र ही नहीं दुनिया में अच्छे हैं। ये सैटेलाइट्स आतंकियों पर चील की तरह नजर रखने में सक्षम हैं।

बहुत से भारतीय नहीं जानते कि इसरो की जो क्षमता उन्हें बाहर से नजर आती है अंदर से कहीं ज्यादा है। इसरो अपने मंगल और चंद्रमा के मिशन को लेकर चर्चा में रहता है लेकिन गुपचुप तरीके से इसकी 17000 मजबूत वर्क फोर्स देश की सुरक्षा को लेकर भी योजनाएं बनाती हैं।

भारतीय सरजमीं का रक्षा में इसरो का अहम योगदान

कार्टोसैट श्रेणी के सेटेलाइट इसीलिए तैयार किए गए। कार्टोसैट1 को इसरो ने 5 मई, 2005 में श्रीहरिकोटा से छोड़ा था। वहीं 22 जून, 2016 को कार्टोसैट2सी छोड़ा गया।

पाकिस्तान से आया कबूतर लाया चिट्ठी, पीएम को दी धमकी

इन सेटेलाइट में लगे कैमरे से जमीन के हर हिस्से के बारे में जानकारी हमें तस्वीरों के जरिए मिल सकते हैं। इसमें खास तरह के कैमरे लगे होते हैं जिनका उपयोग से धरती के हिस्सों पर नजर रखी जा सकती है। इस श्रेणी के सेटेलाइट का उपयोग गूगल तक करता है।

33 सेटेलाइट लगा रहे धरती के चक्कर

इस समय देश में 33 सेटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में धरती के चक्कर लगा रहे हैं। इनमें 12 कम्यूनिकेशन सेटेलाइट हैं। 7 नेविगेशन सेटेलाइट, 10 पृथ्वी की जांच के लिए सेटेलाइट और 4 मौसम की जानकारी के लिए सेटेलाइट काम कर रहे हैं। ये एशिया प्रशांत क्षेत्र में सबसे सेटेलाइट हैं।

ये हैं वे 10 सबसे शक्तिशाली हथियार, जो हैं हमारी सेनाओं की ढाल

माना जा रहा है कि इन सेटेलाइट के जरिए सीमा पार के ठिकानों पर निगाह रखने में भी इन सेटेलाइट का इस्तेमाल किया जाता है। शायद यही वजह है कि जब 28 सितंबर की रात में भारतीय सेना ने एलओसी पार करके आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किया तो आतंकियों की इसकी कानोंकान खबर तक नहीं हुई।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
on surgical strike ISRO in service of the Indian soldier, Indian war machine.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more