Odisha Train Accident: लाशों के ढेर में फंसे छोटे भाई को अंधेरे में तलाशता रहा, दो दिन बाद हुआ ये करिश्मा

Odisha Train Accident: कोरोमंडल एक्सप्रेस दुर्घटना 270 लोगों की मौत की वजह बन बैठी। पलक झपकते ही लाशों का ढेर लग गया। लाशों से पटी एक्सप्रेस की तस्वीरें झकझोर देने वाली थीं।

Odisha Train Accident

Odisha Train Accident: ओडिशा के बालासोर जिले में बहानागा रेलवे स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई कोरोमंडल एक्सप्रेस 270 लोगों की मौत की वजह बन गई। पलक झपकते ही ट्रेन लाशों के ढेर से पट गई। उलटी-पुलटी पडी ट्रेन की बोगियों के बीच कुछ दर्द से चिल्लाते रहे तो कुछ की सांसे थम चुकी थी।

हर कोई झकझोर देने वाला मंजर देखकर कर दहल गया। इन्ही लाशों के ढेर में फंसी पांचवीं क्लास का बच्चे की जान बेहद मुश्किल से बच सकी। जब उसके बड़े भाई ने दो दिन की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। आइए आपको मिलवाते हैं मौत को मात देने वाले देबाशीष से...

पांचवीं कक्षा का छात्र देबाशीष कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा है। शुक्रवार शाम देबाशीष अपने माता-पिता और बड़े भाई के साथ कोरोमंडल एक्सप्रेस से भद्रक जा रहा था। देबाशीष ने बताया कि भद्रक स्टेशन पर चाचा और चाची हमारा इंतजार कर रहे थे। हम सभी वहीं जा रहे थे। लेकिन, हादसा हो गया।

आंख खुली तो लाशों के ढेर में फंसा था

देबाशीष ने बताया कि बालासोर से ट्रेन छूटने के कुछ मिनट बाद मैं अपनी मां के पास बैठा था। अचानक एक बड़ी तेज आवाज हुई, जिसके बाद एक जोर का झटका लगा और अंधेरा छा गया। जब आंख खुली तो भयानक दर्द में था। लाशों के ढेर के नीचे खुद को फंसा हुआ पाया। घंटों लाशों के ढेर में पडा रहा। खुद को निकालने की कोशिश की, लेकिन भार के चलते हाथ तक नहीं हिला पा रहा था। बदबू में सांस लेना दुश्वार था। घोर अंधेरे में बड़े भाई सुभाषीश ने बाहर निकाला।

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