ओडिशा: स्कूल की जर्जर हो चुकी है इमारत, मिशन शक्ति कार्यालय में छात्र पढ़ने को हैं मजबूर
ओडिशा की पटनायक सरकार जहां सरकारी स्कूलों में छात्र- छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए तमाम योजनाएं संचातिल कर रही हैं। वहीं ओडिशा का एक जर्जर स्कूल की जर्जर अवस्था, सरकार की योजनाओं को धता बता रही हैं। स्कूल भवनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन नबरंगपुर के चंदहांडी ब्लॉक के अंतर्गत चिलगांव प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत सारी सच्चाई बयां कर रही है।

सांकेतिक फोटो
इस प्राथमिक विद्यालय के कक्षा 1 से 5 तक के लगभग 30 छात्रों को इस जर्जर इमारत के नीचे पढ़ाना उनकी जान में जोखिम में डालना है, ऐसे में इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मिशन शक्ति कार्यालय के दो कमरों में पढ़ाई करवाई जा रही है।
12 साल पहले इस स्कूल की इमारत बनी थी,तब से इस स्कूल की एक बार भी मरम्मत नहीं हुई जिस कारण से दीवारों में दरारें आ गई हैं और छत से सीमेंट के प्लास्टर गिर गए हैं, जिससे बच्चों का जीवन खतरे में पड़ गया। ऐसे में इस प्राथमिक स्कूल के 30 छात्रों को अपने विद्यालय की इमारत छोड़ने और स्थानीय मिशन शक्ति कार्यालय के दो छोटे कमरों में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
स्कूल प्रबंधन समिति के एक सदस्य बेनुधर सागड़िया ने आरोप लगाया कि हमने डीईओ, कलेक्टर से लेकर मंत्री तक सभी से अनुरोध किया। लेकिन छह महीने हो गए हैं, लेकिन इमारत की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
स्कूल की प्रधानाध्यापिका नलिनी माझी ने कहा
जब छत से सीमेंट के प्लास्टर के बड़े टुकड़े गिरे और जंग लगी छड़ें दिखने लगीं तो हमें बच्चों की जान का डर था। गांव में एक बैठक बुलाई गई और छात्रों को पढ़ाई के लिए मिशन शक्ति कार्यालय में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
नबरंगपुर के शगरियापाड़ा प्राइमरी स्कूल की भी ऐसी ही हालत है। छात्रों को वहां आने से रोकने के आदेश के बाद स्कूल में बड़ा ताला लटका दिया गया है। चिलीगांव की तरह, शगरियापाड़ा स्कूल के छात्र भी एक निर्माणाधीन निजी भवन में स्थानांतरित हो गए हैं। वे वहां निर्माण सामग्री और काम कर रहे मजदूरों के साथ-साथ पढ़ाई कर रहे हैं।
वहीं चंदहांडी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुवेन कुमार मंडल से स्कूलों के बारे की जर्जर हालत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा स्कूल जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। इसलिए हमने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को लिखा था। इस काम के लिए 5.5 लाख रुपये पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं, जल्द ही काम शुरू हो जायेगा।












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