ओडिशा सरकार ने अपार्टमेंट बिल-2023 पर जनता से मांगे सुझाव, जानें क्या है उद्देश्य
ओडिशा सरकार ने आखिरकार ओडिशा अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मैनेजमेंट ) विधेयक, 2023 प्रकाशित कर कर दिया है। ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग ने इस विधेयक का प्रारूप ओडिशा राजपत्र में प्रकाशित करके जनता से सुझाव मांगा है। जनता को इस विधेयक पर अपना सुझाव देने के लिए प्रदेश सरकार ने 30 दिन का समय दिया गया है।

गौरतलब है कि 26 सितंबर को आयोजित मानसून सत्र में ओडिशा सरकार ने ओडिशा अपार्टमेंट विधेयक 2023 पेश किया था और इसे पारित किया गया था।
रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के लागू होने के बाद, ओडिशा अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम, 1982 में कई संशोधनों की आवश्यकता थी। इसलिए यह विधेयक पारित किया गया है।
ओडिशा ने ओडिशा अपार्टमेंट (ओनरिशप एंड मैनेजमेंट) विधेयक का उद्देश्य सामान्य क्षेत्रों और सुविधाओं में अविभाजित हित के साथ किसी इमारत में अपार्टमेंट के स्वामित्व से संबंधित कानूनों को मजबूत करना है। इसके अलावा विधेयक अपार्टमेंट के बेहतर प्रबंधन की सुविधा भी प्रदान करेगा।
चूंकि ये ओडिशा अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मैनेजमेंट ) विधेयक मानसून सत्र में पास हो चुका है तो अब ये अध्यादेश का स्थान लेगा। इस विधेयक के बाद अब अपार्टमेंट जो खरीदता है उसके पास बिल्डिंग के कॉमन एरिया और सुविधाओं में अविभाजित हित के अधिकार के साथ एक अपार्टमेंट का विशेष स्वामित्व और कब्जा होगा।
ओडिशा अपार्टमेंट विधेयक में ये भी प्रवाधान किया गया है कि इस अधिनियम के तहत derail के अधिकार का उल्लेख करते हुए आवंटी के नाम पर अपार्टमेंट के ट्रांसफर का एक विलेख (deed) जारी करना होगा।
इसके अलावा जो प्रमोटर विधेयक के प्रावधानों का पालन नहीं करता है तो उसके इस अनुचित व्यवहार के लिए 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अइस अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक अपार्टमेंट सोसाइटी या मालिक संघ को आग या अन्य दुर्घटना का बीमा करना होगा। निमय का उलंघन करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।












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