रिपोर्ट में दावा- भारत ने इजराइल से 15 हजार करोड़ में खरीदा पेगासस, मोदी सरकार पर भड़की कांग्रेस
, मोदी सरकार पर भड़की कांग्रेस
नई दिल्ली, 29 जनवरी: अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत सरकार ने इजराइल से एक रक्षा सौदे में जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस खरीदा था। साल 2017 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दो बिलियन डॉलर (करीब 15 हजार करोड़ रुपए) में इजराइल से ये डील की थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने जो किया, वो देशद्रोह है।

क्या है अखबार की रिपोर्ट
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाईम्स के मुताबिक, भारत सरकार ने 2017 में 2 बिलियन डॉलर के रक्षा डील में इजराइल से स्पाईवेयर पेगासस खरीदा था। अखबार ने अपनी जांच में पाया है कि भारत के अलावा मेक्सिको में विरोधियों को निशाना बनाने, सऊदी अरब में महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ और कई देशों में इसका इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने नए सौदों के तहत पोलैंड, हंगरी और भारत समेत कई देशों को पेगासस दिया गया।
कांग्रेस ने क्या कहा
कांग्रेस ने मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुप रहने पर सवाल उठाए हैं। राहुल ने इस रिपोर्ट को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा- मोदी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की प्राथमिक संस्थाओं, राजनेताओं व जनता की जासूसी करने के लिए पेगासस खरीदा था। फोन टैप करके सत्ता पक्ष, विपक्ष, सेना, न्यायपालिका सब को निशाना बनाया है। ये देशद्रोह है। मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है।
कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोविल ने ट्वीट कर लिखा- नरेंद्र मोदी चुप हैं? न्यूयॉर्क टाइम्स ने खुलासा किया कि करदाताओं के 300 करोड़ का भुगतान इजराइली एनएसओ को किया गया। इसका मतलब है कि हमारी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और संसद को गुमराह किया।
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शिवसेना भी हमलावर
शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस पर कहा, यह लोकतंत्र है क्या? यह तो बहुत घटिया तरह की हिटलरशाही है. जो बात हमने एक साल पहले रखी थी. राहुल जी ने भी रखी थी. हम लोगों ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया. बीजेपी के बड़े-बड़े लोगों पर भी निगरानी रखी जी रही थी. हमारे परिवार के बैंक अकाउंट चेक किए जा रहे हैं. हमारे फोन सुने जा रहे हैं।
क्या है ये मामला
बीते साल दुनिया के कई बड़े मीडिया ग्रुप ने एक रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें दावा किया गया है कि इजराइली कंपनी के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस को फोन में भेजकर कई देशों में हजारों लोगों की जासूसी हुई। भारत में भी इसका इस्तेमाल किया गया। भारत में दो मंत्रियों, कई विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों, जज, कारोबारी और एक्टिविस्ट की जासूसी इस सॉफ्टवेयर से करने का दावा इस रिपोर्ट में किया गया। इसको लेकर विपक्ष के राजनीतिकत दल और कई संगठन जांच की मांग और मोदी सरकार से जवाब देने को कहते रहे हैं। हालांकि मोदी सरकार की ओर से इस तरह की खरीद से इनकार कर दिया था। अब इस नई रिपोर्ट से एक बार फिर केंद्र सरकार सवालों के घेरे में आ गई है।












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