केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला, 10-49 बेड की क्षमता वाले नर्सिंग होम को बनाया कोविड-19 हेल्थ सेंटर
नई दिल्ली: राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत 10-49 बेड की क्षमता वाले छोटे और मध्यम मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम को 'कोविड-19 हेल्थ सेंटर' घोषित कर दिया गया है। अब यहां पर कोरोना मरीजों के इलाज संबंधित सभी व्यवस्थाएं होंगी। साथ ही नर्सिंग होम्स को तैयारी के लिए तीन दिन का वक्त दिया गया है। आदेश नहीं मानने वाले नर्सिंग होम्स पर कार्रवाई की जाएगी।
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केजरीवाल सरकार के मुताबिक बढ़ते मामलों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इसमें ENT अस्पताल, डायलिसिस, प्रसव और आईवीएफ केंद्रों को छूट दी गई है। वहीं सरकार ने बेड की क्षमता 10 से 49 तक रखी है। 10 से कम बेड वाले नर्सिंग होम्स को सरकार ने टेकओवर नहीं किया है। इसके साथ ही सभी नर्सिंग होम्स को तीन दिन के अंदर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों पर नर्सिंग होम पंजीकरण के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले 24 मई को 117 नर्सिंग होम्स/प्राइवेट अस्पताल, जिनकी बेड क्षमता 50 या उससे ज्यादा है, ऐसे अस्पतालों को 20 प्रतिशत बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे। वहीं कोरोना मरीजों के लिए टेकओवर किए गए बेड्स की संख्या दिल्ली कोरोना ऐप में रियल टाइम बेसिस पर दिखाई जाएगी। इसके साथ ही अब तक प्राइवेट अस्पतालों के 70 प्रतिशत बेड अधिकृत किए जा चुके हैं। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में 30 जून तक 15 हजार बेड्स की जरूरत पड़ेगी। वहीं जुलाई के शुरूआती 15 दिनों में 33 हजार बेड्स की जरूरत पड़ने का अनुमान है।
दिल्ली में 38 हजार मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 11,929 नए केस सामने आए हैं और 311 मौतें रिपोर्ट की गई हैं। ऐसे में अब भारत में मरीजों की संख्या 3,20,922 हो गई है, जिसमें से 1,49,348 ऐक्टिव केस हैं। वहीं राजधानी दिल्ली में अब तक 38,958 मामले सामने आए हैं। जिसमें 1,271 लोगों की मौत हुई है।












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