प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने जाहिर की कार्यमुक्त होने की मंशा, PM मोदी ने किया ये अनुरोध
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने अपने पद से कार्यमुक्त होने की मंशा जाहिर की है। पीएम मोदी ने उनसे अगले दो हफ्ते तक कार्यकाल जारी करने का अनुरोध किया है। वहीं पीएम ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी पीके सिन्हा को पीएमओ में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। गौरतलब है कि नृपेन्द्र मिश्रा को साल 2014 में पीएम मोदी ने अपना प्रमुख सचिव बनाया गया।

यूपी काडर के आईएएस नृपेंद्र मिश्रा इससे पहले सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह सरकार में प्रमुख सचिव रह चुके हैं। वो डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस में सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा वो डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स में भी साल 2002 से 2004 के बीच सचिव रहे। नृपेन्द्र मिश्रा ने रिटायर होने के बाद मनमोहन सरकार में
2006 से 2009 के बीच टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन का पद संभाला।
नृपेंद्र मिश्रा ने लिखा कि मुझे पीएम मोदी जी के अधीन देश की सेवा करने का सौभाग्य मिला। इसके लिए मैं उनका कृतज्ञता हूं, जो विश्वास जो उन्होंने मुझमें दिखाया। मेरे लिए अब आगे बढ़ने का समय है, लेकिन मैं अभी भी सार्वजनिक कारणों और राष्ट्रीय हित के लिए समर्पित हूं। गौरतलब है कि उस समय नियम के मुताबिक ट्राई का चेयरमैन आगे चलकर केंद्र या राज्य सरकार में कोई पद धारण नहीं कर सकता था। यह नियम जब नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति की राह में रोड़ा बना तो मोदी सरकार ने ट्राई एक्ट में अध्यादेश के जरिए संशोधन कर उनके प्रमुख सचिव बनने का रास्ता साफ कर दिया। मिश्रा ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन(लोक प्रशासन) विषय से उन्होंने जॉन एफ केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री ली. फिर 1967 में यूपी काडर आईएएस बने।












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