अब Cyber Fraud करने वालों की खैर नहीं! डिजिटल स्कैम पर गृह मंत्रालय सख्त, साइबर शील्ड पॉलिसी एक्टिव
Cyber Fraud Online Scam: भारत में तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड के खिलाफ गृहमंत्रालय (MHA) ने अब सख्त रुख अपनाया है। फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स, डिजिटल अरेस्ट और झूठे डैशबोर्ड के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाले नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई शुरू हो गई है।
हाल ही में दिल्ली और मुंबई में सामने आए मामलों ने खतरे की गंभीरता को उजागर किया है। जहां एक वरिष्ठ स्वास्थ्य मंत्रालय अधिकारी से ₹31 लाख और दो महिलाओं से ₹20 करोड़ व ₹7.87 करोड़ की ठगी हुई। अब MHA की 'साइबर शील्ड' रणनीति से ठगों पर शिकंजा कसने का अभियान तेज हो गया है।

गृह मंत्रालय की 'साइबर शील्ड' रणनीति
गृह मंत्रालय ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी' अपनाई है और बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच तैयार किया है।
1. नेशनल साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C)
2020 में स्थापित I4C अब राज्यों की पुलिस को फोरेंसिक टूल्स और कोऑर्डिनेशन सपोर्ट देता है।
इसके नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए अब तक 1.43 लाख FIR दर्ज हो चुकी हैं और 19 करोड़ से ज्यादा लोगों तक जागरूकता अभियान पहुंचा है।
2. स्कैम ऐप्स और वेबसाइट्स पर बैन
I4C की सिफारिश पर 800 से ज्यादा मोबाइल ऐप्स, 3,200 वेबसाइट्स, 6.69 लाख सिम कार्ड और 1.32 लाख IMEI नंबर ब्लॉक कर दिए गए हैं।
3. म्यूल अकाउंट्स पर नकेल
RBI और बैंकों की मदद से ठगी में इस्तेमाल होने वाले अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें फ्रीज़ किया जा रहा है, ताकि फ्रॉड नेटवर्क की फाइनेंशियल सप्लाई चेन टूट सके।
4. नागरिकों को सशक्त बनाना
1930 हेल्पलाइन, "साइबर दोस्त" सोशल मीडिया कैंपेन, कॉलर ट्यून्स और पब्लिक आउटरीच के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे आसानी से स्कैम पहचान सकें।
5. पुलिस बल को ट्रेनिंग
CyTrain प्रोग्राम के तहत 1 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों को साइबर फोरेंसिक और स्कैम इन्वेस्टिगेशन की ट्रेनिंग दी गई है।
6. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
Cyber Crime Prevention Against Women & Children (CCPWC) स्कीम के तहत महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन शोषण व धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
अलर्ट मोड में गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय ने साइबर फ्रॉड करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा, "जैसे-जैसे स्कैम करने वाले नए-नए तरीके जैसे नकली ट्रेडिंग ऐप्स हों या 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी स्कीम निकाल रहे हैं। सरकार भी अपनी साइबर सुरक्षा को और मज़बूत कर रही है। टेक्नोलॉजी, पुलिसिंग और लोगों को जागरूक करके भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि आपका डिजिटल और पैसा दोनों सुरक्षित रहें। गृह मंत्रालय साइबरक्राइम के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय है। किसी भी साइबर फ्रॉड या ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।"
करोड़ों की ठगी के चौंकाने वाले मामले सामने आए
- दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को ऑनलाइन निवेश स्कीम के नाम पर ₹31 लाख की चपत लगाई गई।
- मुंबई में महिलाओं को दो अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ और ₹7.87 करोड़ से ठग लिया गया।
- पुलिस ने कृष्ण कुमार नामक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है, जिस पर ₹6.03 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। उसने नकली सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर लोगों को "जल्दी मुनाफा" का लालच दिया था।
- जांच में यह भी सामने आया कि झारखंड-मुंबई नेटवर्क से जुड़े 15,000 से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल पूरे देशभर में किया गया। सिर्फ 145 बैंक खातों से जुड़े शेल कंपनियों में ₹3,200 करोड़ से ज्यादा का लेन-देन पकड़ा गया।
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