जाने-माने शायर निदा फजली का निधन
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। होश वालों को खबर क्या, आ भी जा... आ भी जा...ए सुबह आ भी जा और तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है जैसे लाजवाब गीत देने वाले मशहूर शायद निदा फाजली का आज निधन हो गया। वो 78 साल के थे और बहुत समय बीमार चल रहे थे। उन्हें हार्ट अटैक पड़ा।

निदा फाजली के मशहूर गीत
- तेरा हिज्र मेरा नसीब है, तेरा गम मेरी हयात है (फ़िल्म रज़िया सुल्ताना)। यह उनका लिखा पहला फ़िल्मी गाना था।
- आई ज़ंजीर की झन्कार, ख़ुदा ख़ैर कर (फ़िल्म रज़िया सुल्ताना)
- होश वालों को खबर क्या, बेखुदी क्या चीज है (फ़िल्म सरफ़रोश)
- कभी किसी को मुक़म्मल जहाँ नहीं मिलता (फ़िल्म आहिस्ता-आहिस्ता) (पुस्तक मौसम आते जाते हैं से)
- तू इस तरह से मेरी ज़िंदग़ी में शामिल है (फ़िल्म आहिस्ता-आहिस्ता)
- चुप तुम रहो, चुप हम रहें (फ़िल्म इस रात की सुबह नहीं)
- दुनिया जिसे कहते हैं, मिट्टी का खिलौना है (ग़ज़ल)
- हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी (ग़ज़ल)
- अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जाये (ग़ज़ल)
- टीवी सीरियल सैलाब का शीर्षक गीत
फाजनी की काव्य संग्रह
- लफ़्ज़ों के फूल (पहला प्रकाशित संकलन)
- मोर नाच
- आँख और ख़्वाब के दरमियाँ
- खोया हुआ सा कुछ (साहित्य अकादमी से पुरस्कृत)
- आँखों भर आकाश
- सफ़र में धूप तो होगी












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